मानहानि मामले में अभिषेक बनर्जी को राहत, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट पर लगाई रोक
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को मानहानि मामले में बड़ी राहत देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट के अमल पर रोक लगा दी। साथ ही अदालत ने उनकी याचिका को पुनः बहाल कर मामले की मेरिट पर सुनवाई का रास्ता साफ कर दिया।
जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की पीठ ने अभिषेक बनर्जी द्वारा दायर बहाली आवेदन स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी याचिका जिसे पहले अनुपस्थिति के कारण खारिज कर दिया गया था, अब मूल क्रमांक पर बहाल की जाती है और उसके गुण-दोष के आधार पर सुनवाई की जाएगी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आवेदन में किए गए तथ्यों और शपथपत्र के आधार पर मामले को बहाल करने की प्रार्थना स्वीकार की जाती है।
इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि भोपाल स्थित सांसद-विधायक विशेष अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट का क्रियान्वयन फिलहाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
यह मामला भारतीय जनता पार्टी के नेता आकाश विजयवर्गीय द्वारा दायर मानहानि शिकायत से जुड़ा है।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि अभिषेक बनर्जी ने नवंबर 2020 में कोलकाता की एक रैली के दौरान आकाश विजयवर्गीय को “गुंडा” कहा था, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 12 नवंबर 2025 को अंतरिम आदेश पारित कर गिरफ्तारी वारंट के अमल पर रोक लगाई थी।
इसके बाद मामला कई बार स्थगित होता रहा। 8 मई 2026 को अदालत ने चेतावनी दी थी कि यदि याचिकाकर्ता की ओर से बहस नहीं की गई तो मामले पर उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर विचार किया जाएगा और अंतरिम राहत जारी नहीं रहेगी।
16 जून 2026 को भी अदालत ने इसी प्रकार की टिप्पणी की थी, जब अभिषेक बनर्जी की ओर से फिर स्थगन की मांग की गई। इसके बावजूद 17 जून 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान उनकी ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। यहां तक कि मामला दोबारा बुलाए जाने पर भी कोई पेश नहीं हुआ।
इस स्थिति में हाईकोर्ट ने याचिका को गैर-पैरवी के आधार पर खारिज कर दिया था और अंतरिम राहत भी समाप्त कर दी थी।
हालांकि बाद में दायर बहाली आवेदन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बनर्जी के स्पष्टीकरण स्वीकार किया और याचिका को पुनः बहाल की।
अब मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में मेरिट के आधार पर की जाएगी, जबकि तब तक अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक प्रभावी रहेगी।