कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत मामले में दो आरोपियों को जमानत, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दी राहत
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप में जहरीले रसायन डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) की मौजूदगी के कारण कथित तौर पर 30 बच्चों की मौत से जुड़े मामले में दो आरोपियों को जमानत दे दी है। अदालत ने डाइएथिलीन ग्लाइकोल की आपूर्ति करने वाली फर्म के मालिक शैलेश पंडिया और कोल्ड्रिफ सिरप बेचने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा को राहत प्रदान की।
जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की पीठ ने कहा कि शैलेश पंडिया न तो रसायन के निर्माता थे और न ही उनके द्वारा आपूर्ति किया गया उत्पाद प्रथम दृष्टया घटिया गुणवत्ता का पाया गया। अदालत ने यह भी नोट किया कि पंडिया फूड-ग्रेड डाइएथिलीन ग्लाइकोल के सप्लायर थे, न कि फार्मास्यूटिकल ग्रेड रसायन के।
वहीं, सतीश वर्मा ने दलील दी कि वह केवल निर्माता द्वारा सीलबंद पैक में उपलब्ध कोल्ड्रिफ सिरप बेच रहे थे और उन्हें दवा की गुणवत्ता या सुरक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अदालत ने मामले के तथ्यों को देखते हुए बिना मेरिट पर कोई टिप्पणी किए दोनों आरोपियों को जमानत दे दी।
गौरतलब है कि इसी मामले में हाईकोर्ट पहले बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी और एक फार्मासिस्ट की जमानत याचिका खारिज कर चुका है। वहीं, कोल्ड्रिफ सिरप के एक वितरक की दुकान सील करने और ड्रग लाइसेंस रद्द करने के आदेश को भी हाईकोर्ट ने बरकरार रखते हुए इस मामले को "चिकित्सा इतिहास के सबसे चौंकाने वाले मामलों में से एक" बताया था।