इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि अप्रैल, 2018 से जून, 2018 की अवधि में निर्यात पर रिफंड का दावा 21.6.2021 तक किया जा सकता है और अप्रैल, 2019 से जून, 2019 में किए गए निर्यात के लिए रिफंड का दावा 24.7.2021 तक किया जा सकता है।

याचिकाकर्ता ने अप्रैल, 2018 से मार्च, 2019 की अवधि के लिए 31.3.2021 और 21.6.2021 को और अप्रैल, 2019 से जून, 2019 की कर अवधि के लिए 30.6.2021 और 24.7.2021 को रिफंड के लिए आवेदन किया, जिसे देरी के आधार पर खारिज कर दिया गया।

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता संबंधित तारीख यानी निर्यात की तारीख से दो साल के भीतर रिफंड का दावा कर सकता है। चूंकि निर्यात 2018 और 2019 में है, इसलिए रिफंड आवेदन केवल 2020 और 2021 में दायर किए जा सकते है। कोर्ट ने आगे कहा कि COVID-19 के कारण सीमा 15.2.2020 से 28.2.2022 तक निलंबित रही।

तदनुसार, जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया,

“उस प्रकाश में देखा जाए तो याचिकाकर्ता द्वारा रिफंड के लिए आवेदन 21.6.2021 (कर अवधि अप्रैल, 2018 से मार्च, 2019 के लिए) और 24.7.2021 (कर अवधि अप्रैल, 2019 से जून, 2019 के लिए) के बाद दायर किए गए।”

गामा गाना लिमिटेड बनाम भारत संघ मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर भरोसा करते हुए न्यायालय ने याचिकाकर्ता के रिफंड दावों को खारिज करने का आदेश रद्द कर दिया।

न्यायालय ने सहायक आयुक्त, सीजीएसटी, डिवीजन- (IV) को याचिकाकर्ता द्वारा किए गए रिफंड आवेदनों पर बिना किसी देरी के आपत्ति उठाए शीघ्रता से निर्णय लेने का निर्देश दिया।

केस टाइटल: एम/एस जेस्ट इंक बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और 2 अन्य [रिट टैक्स नंबर - 964/2021]

याचिकाकर्ता के वकील: शुभम अग्रवाल और प्रतिवादी के वकील: अमित महाजन

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