कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार (17 जनवरी) को अंतरिम आदेश में राज्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी।

सीनियर एडवोकेट शशि किरण शेट्टी गांधी की ओर से पेश हुए और जस्टिस एम नागप्रसन्ना के समक्ष तर्क दिया कि यह पहली बार है, जब मामले की सुनवाई हो रही है।

इसके बाद याचिका पर नोटिस जारी करते हुए न्यायालय ने अपने आदेश में कहा,

"प्रतिवादी को 20 फरवरी तक जवाब देने के लिए आपातकालीन नोटिस। अंतरिम आदेश के तहत आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी।"

न्यायालय गांधी की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज मानहानि मामले को रद्द करने की मांग की गई थी।

इस मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।

शिकायत मुख्य रूप से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति द्वारा जारी किए गए "भ्रष्टाचार दर कार्ड" विज्ञापनों के खिलाफ है, जिसमें दावा किया गया कि BJP द्वारा सरकारी विभागों में विभिन्न पदों पर नियुक्ति और स्थानांतरण के लिए कुछ 'दरें' और 'कमीशन' लिए जाते हैं। BJP का दावा है कि यह झूठ है और आरोपी की "काल्पनिक कल्पना" पर आधारित है।

पार्टी ने दावा किया कि आरोपी द्वारा व्यापक रूप से प्रचलित शब्द "डबल इंजन सरकार" के स्थान पर "ट्रबल इंजन सरकार" शब्द का इस्तेमाल भाजपा के नाम और प्रतिष्ठा को बदनाम करने और चुनावों में उसकी संभावनाओं को प्रभावित करने की मंशा को दर्शाता है।

गौरतलब है कि कांग्रेस नेता को पिछले साल जून में मजिस्ट्रेट की अदालत ने जमानत दी थी।

गांधी 1 जून, 2024 के अपने आदेश में अदालत द्वारा निर्देशित 42वें अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश हुए। अदालत ने पहले इस मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को जमानत दी थी।

केस टाइटल: राहुल गांधी बनाम भारतीय जनता पार्टी

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