सह-आरोपी के खिलाफ सप्लीमेंट्री शिकायत आने से NDPS ट्रायल नहीं रोका जा सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

Update: 2026-06-28 07:54 GMT

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि सिर्फ इसलिए कि किसी सह-आरोपी के खिलाफ बाद में सप्लीमेंट्री शिकायत दाखिल हुई है, ट्रायल कोर्ट NDPS मामले की सुनवाई नहीं रोक सकता।

कोर्ट ने कहा कि अगर किसी आरोपी के खिलाफ सबूत और सुनवाई पूरी हो चुकी है, तो ट्रायल कोर्ट को यह तय करना होगा कि नए आरोपी का ट्रायल साथ चलेगा या अलग। अगर अलग ट्रायल जरूरी है, तो मुख्य मामले का फैसला किया जा सकता है।

यह टिप्पणी जस्टिस राजनेश ओसवाल की पीठ ने करीब पांच साल से जेल में बंद एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की। हालांकि, कोर्ट ने NDPS Act की धारा 37 के तहत जमानत देने से इनकार कर दिया।

मामले में आरोपी के पास से 5.4 किलोग्राम चरस बरामद होने का आरोप है। ट्रायल अंतिम बहस तक पहुंच चुका था, लेकिन बाद में एक कथित सप्लायर के खिलाफ सप्लीमेंट्री शिकायत दाखिल होने पर ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई रोक दी।

हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने बिना कोई ठोस कारण बताए सुनवाई टाल दी, जो सही नहीं है।

कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को 15 दिनों के भीतर यह तय करने का निर्देश दिया कि आरोपी के मामले की सुनवाई अलग से पूरी की जा सकती है या नहीं। साथ ही, सह-आरोपी के खिलाफ सप्लीमेंट्री शिकायत पर 30 दिनों के भीतर आरोप तय करने या आरोपमुक्त करने की प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया।

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