नेशनल स्टॉक एक्सचेंज RTI Act के तहत 'पब्लिक अथॉरिटी': दिल्ली हाईकोर्ट

Update: 2026-07-01 14:32 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (NSE) राइट टू इन्फॉर्मेशन एक्ट, 2005 (RTI Act) की धारा 2(h) के तहत "पब्लिक अथॉरिटी" (सार्वजनिक प्राधिकरण) के दायरे में आता है। [2026 LiveLaw (Del) 603]

जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीजन बेंच ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की अपील खारिज की, जो उसने सिंगल जज के उस फैसले के खिलाफ दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि एक्सचेंज RTI व्यवस्था के दायरे में आता है।

कोर्ट के सामने मुख्य मुद्दा यह था कि क्या NSE, एक प्राइवेट कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड होने के बावजूद, RTI Act के तहत "पब्लिक अथॉरिटी" माना जा सकता है?

थलाप्पलम सर्विस कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बनाम केरल राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि कोई संस्था "पब्लिक अथॉरिटी" मानी जा सकती है अगर उसका मालिकाना हक सरकार के पास हो, उसे सरकार नियंत्रित करती हो, या उसे सरकार से काफी हद तक फंडिंग मिलती हो।

कोर्ट ने कहा कि अगर किसी संस्था का मालिकाना हक संबंधित सरकार के पास है, उसे संबंधित सरकार नियंत्रित करती है या उसे संबंधित सरकार से काफी हद तक फंडिंग मिलती है, तो वह "पब्लिक अथॉरिटी" मानी जाएगी।

इस तरह बेंच सिंगल जज की इस राय से सहमत थी कि NSEI को संबंधित सरकार नियंत्रित करती है।

कोर्ट ने कहा,

"...यह साफ है कि NSEI, RTI Act की धारा 2(h) के दूसरे हिस्से के क्लॉज़ (i) के तहत "पब्लिक अथॉरिटी" के तौर पर योग्य है। हम सम्मानित सिंगल जज की इस बात से भी सहमत हैं कि NSEI धारा 2(h) के पहले हिस्से के तहत भी "पब्लिक अथॉरिटी" के तौर पर योग्य है।"

Title: National Stock Exchange of India Ltd. v. Central Information Commission & Ors

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