YouTuber Bhuvan Bam के पर्सनैलिटी राइट्स का गलत इस्तेमाल करने वाले डीपफेक कंटेंट को हटाने का आदेश

Update: 2026-04-30 12:12 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने 'जॉन डो' (John Doe) आदेश जारी करते हुए YouTuber Bhuvan Bam के पर्सनैलिटी राइट्स का गलत इस्तेमाल करने वाले डीपफेक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया।

जस्टिस ज्योति सिंह ने यह आदेश Bam द्वारा विभिन्न संस्थाओं—जिनमें 'जॉन डो', ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया इंटरमीडियरी शामिल हैं—के खिलाफ दायर एक मुकदमे की सुनवाई करते हुए दिया।

Bam ने नई अर्जी दायर करते हुए आरोप लगाया कि 13 जनवरी को उनके पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए आदेश जारी होने के बावजूद, उनके व्यक्तित्व से जुड़ी विशेषताओं का विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अभी भी बिना अनुमति के गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें डीपफेक और कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले वीडियो, साथ ही ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाली कमर्शियल लिस्टिंग भी शामिल हैं।

उन्हें राहत देते हुए कोर्ट ने फैसला सुनाया कि Bam ने प्रथम दृष्टया (prima facie) अपना मामला साबित किया और सुविधा का संतुलन (Balance of Convenience) भी उन्हीं के पक्ष में है।

कोर्ट ने आगे कहा कि यदि मांगी गई रोक (Injunction) नहीं दी जाती है तो उन्हें, और साथ ही आम जनता के निर्दोष सदस्यों को भी, अपूरणीय क्षति पहुंचेगी।

कोर्ट ने निर्देश दिया,

"प्रतिवादी नंबर 10/जॉन डो को अगली सुनवाई की तारीख तक किसी भी ऐसे कंटेंट, मर्चेंडाइज, प्रकाशन या डिजिटल सामग्री को बनाने, प्रकाशित करने, प्रसारित करने, पोस्ट करने, बिक्री के लिए पेश करने, फैलाने, प्रचारित करने या किसी भी अन्य तरीके से गलत इस्तेमाल करने से रोका जाता है, जो वादी नंबर 1 के पर्सनैलिटी/पब्लिसिटी राइट्स और/या वादियों के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क और कॉपीराइट अधिकारों का उल्लंघन करता हो।"

कोर्ट ने Google LLC को कुछ खास YouTube URLs को हटाने का आदेश दिया। Flipkart और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले मर्चेंडाइज की लिस्टिंग हटाने का आदेश दिया गया।

इसके अलावा, Spotify को कुछ खास प्लेलिस्ट या शो हटाने का निर्देश दिया गया। साथ ही Meta को Instagram से संबंधित कंटेंट हटाने के लिए कहा गया।

जस्टिस सिंह ने कुछ प्रतिवादियों द्वारा उठाई गई उन आपत्तियों पर गौर किया, जिनमें उन्होंने 'पैरोडी' (Parody) के अपवाद का दावा किया था; उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की जांच बाद के चरण में सभी संबंधित पक्षों की सुनवाई के बाद की जाएगी।

Title: BHUVAN BAM & ANR v. INKWYNK & ORS

Tags:    

Similar News