नागा चैतन्य को बड़ी राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने अश्लील सामग्री, डीपफेक और फर्जी कारोबार पर लगाई रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने तेलुगु एक्टर अक्किनेनी नागा चैतन्य के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया। हाईकोर्ट ने कई वेबसाइटों, ऑनलाइन विक्रेताओं और अज्ञात व्यक्तियों को एक्टर के नाम, तस्वीर, आवाज, इमेज और व्यक्तित्व से जुड़े अन्य पहलुओं का इस्तेमाल अश्लील सामग्री, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार डीपफेक सामग्री तथा बिना अनुमति बेचे जा रहे उत्पादों के लिए करने से रोक दिया।
जस्टिस ज्योति सिंह ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया एक्टर ने अपने व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों के संरक्षण के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत किए। अदालत ने माना कि विवादित सामग्री का लगातार प्रसार उनकी प्रतिष्ठा और व्यावसायिक हितों को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकता है।
नागा चैतन्य ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि कई अश्लील वेबसाइटें उनके नाम का इस्तेमाल श्रेणियों, टैग और लोकप्रिय खोज शब्दों के रूप में कर रही हैं। इससे एक्टर और आपत्तिजनक सामग्री के बीच एक झूठा तथा हानिकारक संबंध स्थापित होने का भ्रम पैदा हो रहा है।
याचिका में यह भी कहा गया कि एक्टर की इमेज का इस्तेमाल कर AI आधारित सामग्री, मानहानिकारक वीडियो और बिना अनुमति के उत्पाद बेचे जा रहे हैं। अदालत ने माना कि 15 वर्षों से अधिक लंबे करियर के दौरान एक्टर ने अपनी एक मजबूत पहचान और प्रतिष्ठा बनाई, जिसका अनुचित लाभ उठाकर तीसरे पक्ष उनके व्यक्तित्व का व्यावसायिक शोषण कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के नाम, तस्वीर या पहचान का उपयोग कर बेचे जाने वाले उत्पाद उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिला सकते हैं कि संबंधित व्यक्ति उन उत्पादों का समर्थन करता है या उनसे जुड़ा हुआ है, जबकि वास्तविकता में ऐसा नहीं होता।
अदालत ने अपने आदेश में कहा,
"वादी को अपने नाम, इमेज, आवाज और तस्वीर जैसे व्यक्तित्व संबंधी तत्वों की रक्षा का अधिकार है और उसकी अनुमति के बिना कोई भी तीसरा पक्ष इनका उपयोग नहीं कर सकता।"
अदालत ने आगे कहा,
"वादी अश्लील सामग्री और AI से तैयार उन तस्वीरों के प्रसार से संरक्षण पाने का हकदार है, जिनमें उसे अनुचित परिस्थितियों में दिखाया गया। ऐसी सामग्री उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही है और जनता को भ्रमित कर सकती है।"
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को एक्टर के नाम, तस्वीर, आवाज, इमेज या व्यक्तित्व से जुड़े किसी भी पहलू का व्यक्तिगत या व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने से रोक दिया। यह रोक AI, जनरेटिव AI, मशीन लर्निंग, डीपफेक, एआई चैटबॉट और फेस-मॉर्फिंग जैसी तकनीकों के माध्यम से किए जाने वाले उपयोग पर भी लागू होगी।
अदालत ने विवादित उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री संबंधी सूचनाएं हटाने और अश्लील वेबसाइटों को संबंधित वेब लिंक हटाने का भी निर्देश दिया। इसके अलावा, एक्टर के व्यक्तित्व अधिकारों के कथित उल्लंघन से जुड़े कुछ वीडियो लिंक हटाने के निर्देश भी जारी किए गए।
यह आदेश डिजिटल युग में व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा और AI आधारित दुरुपयोग पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।