कोर्ट वीडियो प्रसारण मामले में जस्टिस तेजस कारिया ने सुनवाई से खुद को अलग किया, केजरीवाल के खिलाफ अवमानना याचिका

Update: 2026-04-22 08:10 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट में कोर्ट कार्यवाही के कथित अनधिकृत वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रसारण से जुड़े मामले में जस्टिस तेजस कारिया ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है।

चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस कारिया की खंडपीठ ने आदेश देते हुए कहा कि यह मामला अब किसी अन्य बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, जिसमें जस्टिस कारिया शामिल न हों।

मामले का विवरण

यह जनहित याचिका अधिवक्ता वैभव सिंह द्वारा दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं के साथ-साथ पत्रकार रविश कुमार ने 13 अप्रैल को हुई अदालत की कार्यवाही को बिना अनुमति रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।

याचिका में कहा गया है कि यह दिल्ली हाईकोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का उल्लंघन है और इससे न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचा है।

याचिका में मांग

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि—

सोशल मीडिया से संबंधित वीडियो हटाए जाएं

नेताओं को भविष्य में ऐसी रिकॉर्डिंग और प्रसारण से रोका जाए

कथित साजिश की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जाए

पृष्ठभूमि

यह विवाद उस सुनवाई से जुड़ा है, जिसमें केजरीवाल ने शराब नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से खुद को अलग करने की मांग की थी। जस्टिस शर्मा ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा था कि केवल इस आधार पर पक्षपात नहीं माना जा सकता कि उनके परिवार के सदस्य केंद्र सरकार के वकील हैं।

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