DHCBA ने फिलहाल वापस ली हड़ताल, चीफ जस्टिस और कानून मंत्री से बातचीत के बाद फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) ने जिला अदालतों की आर्थिक अधिकारिता 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में चल रही हड़ताल को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया।
यह निर्णय केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया।
DHCBA ने अपने सदस्यों को जारी सूचना में बताया कि कार्यकारिणी समिति ने सर्वसम्मति से मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए हड़ताल को "फिलहाल के लिए स्थगित" करने का निर्णय लिया।
चीफ जस्टिस ने इस मुद्दे पर बार एसोसिएशन से विस्तृत अभ्यावेदन मांगा है और भरोसा दिलाया है कि उस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
बार एसोसिएशन ने पिछले तीन दिनों से जारी हड़ताल में सहयोग और एकजुटता दिखाने के लिए अपने सदस्यों का आभार भी व्यक्त किया।
हालांकि, एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि "इस मुद्दे पर बार के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
DHCBA का कहना है कि जिला अदालतों की आर्थिक अधिकारिता 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव न्यायिक व्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव डालेगा और दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले बड़ी संख्या में वकीलों के पेशेवर हितों और आजीविका को प्रभावित करेगा।
बार एसोसिएशन के अनुसार, यदि यह प्रस्ताव लागू हुआ तो दिल्ली हाईकोर्ट के मूल वाद क्षेत्राधिकार के लगभग 70 प्रतिशत मामले जिला अदालतों में स्थानांतरित हो जाएंगे, जिससे हाईकोर्ट के मूल वाद क्षेत्राधिकार में उल्लेखनीय कमी आ जाएगी।