बेटी के स्कूल दाखिले के लिए दहेज मृत्यु मामले के आरोपी को 15 दिन की अंतरिम जमानत: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दहेज मृत्यु के मामले में आरोपी को अपनी बेटी के स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राहत केवल सीमित उद्देश्य और निर्धारित अवधि के लिए ही दी जा रही है।
जस्टिस गिरीश कठपालिया ने आरोपी रिहान खान उर्फ दुलारे की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं 498ए, 304बी, 120बी, 313 और 511 के साथ दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप हैं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि आरोपी की बेटी फिलहाल अपने दादा-दादी के साथ रह रही है और स्कूल में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसे 10 से 15 दिनों में पूरा किया जा सकता है।
अभियोजन पक्ष ने अंतरिम जमानत पर कोई गंभीर आपत्ति नहीं जताई। हालांकि यह शर्त रखी कि आरोपी बार-बार इस राहत को बढ़ाने की मांग न करे।
हाईकोर्ट ने मामले के सीमित उद्देश्य को देखते हुए आरोपी को रिहाई की तारीख से 15 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी। साथ ही निर्देश दिया कि वह 10,000 रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के एक जमानती पर रिहा होगा, जो ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि के अधीन होगा।
कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि इस अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए किसी भी प्रकार का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह फैसला इस बात को दर्शाता है कि गंभीर मामलों में भी मानवीय आधार पर सीमित राहत दी जा सकती है, बशर्ते उसका दुरुपयोग न हो।