अंजना ओम कश्यप की मानहानि याचिका पर फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई में तय की अगली सुनवाई

Update: 2026-06-17 10:54 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क द्वारा दायर मानहानि वाद में फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया। यह मामला शिक्षाविद् फैसल खान उर्फ खान सर तथा अन्य शिक्षकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा कथित रूप से की गई मानहानिकारक टिप्पणियों से जुड़ा है।

जस्टिस मधु जैन ने अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग पर तत्काल कोई आदेश पारित नहीं किया और मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को निर्धारित की।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि कुछ प्रतिवादियों ने अभी तक अंतरिम राहत आवेदन पर अपना जवाब दाखिल नहीं किया। अदालत ने उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया।

अंजना ओम कश्यप ने खान सर के अलावा अभिनव शर्मा, बबीता त्यागी, अरविंद भदौरिया, मनीष यादव तथा कुछ सोशल मीडिया खाताधारकों के खिलाफ भी मानहानि वाद दायर किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि “स्टार शिक्षकों” से जुड़ी उनकी रिपोर्टिंग के संदर्भ में उनके खिलाफ अपमानजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां की गईं।

प्रतिवादियों की ओर से पेश वकीलों ने अदालत से कहा कि मामले में कोई विशेष तात्कालिकता नहीं है और इसे नियमित पीठ के समक्ष जुलाई में सुना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि विभिन्न प्रतिवादियों के खिलाफ अलग-अलग कारणों से शिकायतें हैं, इसलिए एक ही वाद में सभी को शामिल करना उचित नहीं है।

वहीं, अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से पेश वकील ने कहा कि विवादित सामग्री की भाषा अत्यंत आपत्तिजनक है और तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी कहा गया कि प्रतिवादियों ने न केवल अंजना ओम कश्यप बल्कि उनके बच्चे के बारे में भी अभद्र टिप्पणियां की हैं। दूसरी ओर, प्रतिवादियों के वकीलों ने तर्क दिया कि यदि कोई मानहानि हुई तो उसके लिए अन्य कानूनी उपाय भी उपलब्ध हैं, जिनमें आपराधिक शिकायत दर्ज कराना भी शामिल है।

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। प्रतिवादियों की ओर से यह भी कहा गया कि विवाद की शुरुआत उस बहस से हुई, जिसमें अंजना ओम कश्यप ने कथित तौर पर कुछ ऑनलाइन शिक्षकों की आलोचना की।

यह विवाद नीट परीक्षा व्यवस्था पर हुई एक लाइव बहस के बाद सामने आया। आरोप है कि बहस के दौरान अंजना ओम कश्यप ने कुछ ऑनलाइन शिक्षकों को “धोखेबाज” और केवल लोकप्रियता हासिल करने वाला बताया। इसके बाद खान सर और अन्य लोगों की ओर से कथित रूप से उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।

मानहानि वाद में याचिकाकर्ताओं ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन मंचों से कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने तथा 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की।

दिल्ली हाईकोर्ट अब 2 जुलाई को अंतरिम राहत संबंधी आवेदन पर आगे सुनवाई करेगा।

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