अगर सहमति हुई हो तो वकील क्लाइंट के लिए मिले मुआवज़े से अपनी बकाया प्रोफेशनल फ़ीस एडजस्ट कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

Update: 2026-06-18 04:09 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर क्लाइंट और वकील के बीच यह सहमति हुई कि केस में मिले मुआवज़े की रक़म से प्रोफेशनल फ़ीस एडजस्ट की जाएगी तो वकील ऐसा एडजस्टमेंट करने का हक़दार होगा, बशर्ते क्लाइंट तय फ़ीस का भुगतान साबित न कर पाए।

जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने वकील के ₹36,000 की प्रोफेशनल फ़ीस की वसूली के काउंटरक्लेम को मंज़ूरी देने वाला फ़ैसला बरकरार रखा और क्लाइंट की दूसरी अपील खारिज की।

बेंच ने कहा,

"सबूतों से पता चलता है कि वादी (क्लाइंट) को वकील को फ़ीस देनी थी, जिसका भुगतान उसने कभी नहीं किया। उनके बीच यह सहमति हुई कि जब भी मुआवज़ा मिलेगा, उसमें से फ़ीस एडजस्ट कर ली जाएगी।"

यह विवाद क्लाइंट द्वारा अपने पूर्व नियोक्ता (employer) के ख़िलाफ़ मुआवज़े की कार्यवाही के दौरान शुरू हुआ था।

अदालत के पिछले आदेश का पालन न करने पर शुरू हुई अवमानना ​​(contempt) की कार्यवाही के दौरान, नियोक्ता ने क्लाइंट के बकाया पैसे के निपटारे के लिए ₹80,000 का भुगतान किया।

इस रक़म में से ₹20,000 डिमांड ड्राफ्ट के ज़रिए और ₹60,000 नकद दिए गए, जो वकील ने क्लाइंट की ओर से प्राप्त किए।

इसके बाद क्लाइंट ने वसूली का मुक़दमा दायर किया और आरोप लगाया कि वकील ₹60,000 की नकद रक़म उसे सौंपने में नाकाम रहा।

वकील ने काउंटरक्लेम दायर करके रिट और अवमानना ​​की कार्यवाही में पेश होने के लिए तय ₹36,000 की प्रोफेशनल फ़ीस की वसूली की मांग की।

ट्रायल कोर्ट ने क्लाइंट के ₹60,000 की वसूली के मुक़दमे को मंज़ूरी दी, लेकिन वकील का काउंटरक्लेम खारिज किया। हालांकि, पहली अपीलीय अदालत ने काउंटरक्लेम को मंज़ूरी दी और क्लाइंट को देय रक़म से ₹36,000 एडजस्ट करने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से यह साबित होता है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति थी कि वकील की फ़ीस क्लाइंट को मिले मुआवज़े की रक़म से एडजस्ट की जाएगी।

अदालत ने कहा कि हालांकि क्लाइंट की ओर से मिली पूरी रक़म अपने पास रखना वकील का अनुचित व्यवहार था, लेकिन क्लाइंट ने ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया, जिससे यह साबित हो सके कि तय प्रोफेशनल फ़ीस का भुगतान कभी किया गया।

इसलिए अदालत ने क्लाइंट की अपील खारिज की।

Case Title: Prem Singh v. C.S. Rathore

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