टाटा हैरियर में निर्माण दोष, उपभोक्ता आयोग ने दिया नई कार देने या ₹21.40 लाख लौटाने का आदेश

Update: 2026-06-22 10:09 GMT

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला उपभोक्ता आयोग ने टाटा मोटर्स को एक दोषपूर्ण टाटा हैरियर SUV बेचने के लिए सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया है। आयोग ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को नई और दोषमुक्त गाड़ी दे या ₹21,40,775 की पूरी कीमत 9% ब्याज सहित लौटाए।

मामले में शिकायतकर्ता डॉ. कृष्ण लाल कपूर ने 2022 में टाटा हैरियर XZA+ डार्क एडिशन खरीदी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वाहन में शुरुआत से ही स्टीयरिंग और टाइमिंग बेल्ट से जुड़ी गंभीर समस्याएं थीं। अगस्त 2023 और मार्च 2024 में टाइमिंग बेल्ट फेल होने के कारण वाहन बीच रास्ते में बंद हो गया, जिससे उन्हें और उनके परिवार को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी।

टाटा मोटर्स ने निर्माण दोष के आरोपों से इनकार किया और कहा कि सभी मरम्मत वारंटी के तहत मुफ्त में की गई थीं। हालांकि, आयोग ने पाया कि टाइमिंग ब्रैकेट असेंबली में संरचनात्मक मिसअलाइनमेंट था, जो एक अंतर्निहित निर्माण दोष (Inherent Manufacturing Defect) को दर्शाता है।

आयोग ने कहा कि प्रीमियम वाहन खरीदने वाला उपभोक्ता बार-बार खराबी और वर्कशॉप के चक्कर लगाने की उम्मीद नहीं करता। इसलिए शिकायत स्वीकार करते हुए आयोग ने टाटा मोटर्स को वाहन बदलने या पूरी कीमत ब्याज सहित लौटाने के साथ ₹1 लाख मुआवजा और ₹15,000 मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया।

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