लैपटॉप की डिस्प्ले संबंधी जानकारी छिपाना और रिफंड से इनकार करना HP को पड़ा महंगा, उपभोक्ता आयोग ने लौटाने का दिया पूरा पैसा

Update: 2026-07-30 12:17 GMT

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, रंगा रेड्डी ने HP India Sales Private Limited को लैपटॉप की डिस्प्ले संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने, भ्रामक विज्ञापन करने और उपभोक्ता का रिफंड अनुचित रूप से अस्वीकार करने का दोषी ठहराया है।

आयोग ने इसे सेवा में कमी (Deficiency in Service) और अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) माना।

मामले में एक छात्र ने 30 जुलाई 2025 को HP की आधिकारिक वेबसाइट से ₹60,564 में एक HP लैपटॉप खरीदा था। लैपटॉप मिलने के बाद उसने शिकायत की कि उसकी स्क्रीन में नीलापन (Bluish Tint), असमान रोशनी (Uneven Lighting) और खराब डिस्प्ले क्वालिटी है, जिससे आंखों में दर्द और सिरदर्द होने लगा।

छात्र ने तुरंत रिफंड की मांग की, लेकिन HP ने अनबॉक्सिंग का हवाला देकर रिफंड देने से इनकार कर दिया।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि HP ने लैपटॉप के डिस्प्ले पैनल की वास्तविक जानकारी वेबसाइट पर नहीं दी और भ्रामक तस्वीरों व विवरण के जरिए उपभोक्ताओं को गुमराह किया।

नोटिस मिलने के बावजूद HP ने आयोग के समक्ष निर्धारित समय में अपना जवाब दाखिल नहीं किया, जिसके बाद आयोग ने एकतरफा सुनवाई की।

आयोग ने पाया कि HP ने डिस्प्ले पैनल की जानकारी स्पष्ट रूप से उजागर नहीं की और भ्रामक विज्ञापनों के जरिए उत्पाद की गुणवत्ता का गलत चित्र प्रस्तुत किया।

साथ ही, रिफंड नीति का पर्याप्त खुलासा किए बिना उसी का आधार बनाकर रिफंड से इनकार करना भी अनुचित था।

आयोग ने शिकायत आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए HP को लैपटॉप वापस लेने की शर्त पर ₹60,564 की राशि 30 जुलाई 2025 से 9% वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया।

इसके अलावा, ₹10,000 मानसिक पीड़ा के लिए मुआवजा और ₹10,000 वाद व्यय देने का भी आदेश दिया। आयोग ने 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन करने को कहा है।

ऐसा न होने पर रिफंड राशि पर डिफॉल्ट की तारीख से वसूली तक 12% वार्षिक ब्याज देना होगा।

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