चलती राजधानी एक्सप्रेस में बैग चोरी पर नॉर्दर्न रेलवे जिम्मेदार, उपभोक्ता आयोग ने ₹80,000 से अधिक भुगतान का आदेश
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पठानकोट ने राजधानी एक्सप्रेस के आरक्षित 3एसी कोच से यात्री का हैंडबैग चोरी होने के मामले में नॉर्दर्न रेलवे को सेवा में कमी (Deficiency in Service) का दोषी ठहराया।
शिकायतकर्ता कालू राम अपनी पत्नी सुमन यादव और बच्चे के साथ तिनसुकिया (असम) से नई दिल्ली जा रहे थे। यात्रा के दौरान सुमन यादव का हैंडबैग चोरी हो गया, जिसमें ₹65,000 का सोने का मंगलसूत्र, ₹5,000 नकद और एसबीआई की पासबुक थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि घटना के समय कोच अटेंडेंट ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। उन्होंने आरपीएफ और टीटीई को सूचना दी तथा नई दिल्ली पहुंचकर जीरो एफआईआर दर्ज कराई।
रेलवे ने यह कहते हुए जिम्मेदारी से इनकार किया कि वह सामान्यतः बुक न किए गए सामान के नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं है। हालांकि, आयोग ने पाया कि रेलवे यह साबित नहीं कर सका कि घटना के समय कोच अटेंडेंट अपनी ड्यूटी पर मौजूद था। आयोग ने कहा कि यदि रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हाथ में रखे सामान की चोरी होती है, तो रेलवे जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
आयोग ने नॉर्दर्न रेलवे को ₹70,000, शिकायत दायर करने की तारीख से 6% वार्षिक ब्याज सहित अदा करने तथा मानसिक पीड़ा के लिए ₹10,000 मुआवजा देने का आदेश दिया।