शो टाइम के बाद विज्ञापन दिखाना गलत: उपभोक्ता आयोग ने PVR INOX को दोषी ठहराया
जिला उपभोक्ता आयोग, मेडक (संगारेड्डी) — ने निर्णय दिया कि टिकट पर मुद्रित निर्धारित समय के बाद व्यावसायिक विज्ञापन दिखाकर फिल्म की स्क्रीनिंग में देरी करना सेवा में कमी (Deficiency in Service) और अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) है।
आयोग ने कहा कि फिल्म टिकट पर अंकित शो टाइम थिएटर और उपभोक्ता के बीच एक संविदात्मक दायित्व (Contractual Obligation) उत्पन्न करता है, और बिना पूर्व सूचना या सहमति के उससे विचलन उस दायित्व का उल्लंघन है।
मामले के तथ्य
शिकायतकर्ता, जो एक अधिवक्ता हैं, ने अपने और अपने मित्र के लिए BookMyShow प्लेटफॉर्म (विपक्षी पक्ष संख्या-2) के माध्यम से फिल्म “Court: State vs Nobody” के दो टिकट बुक किए। यह फिल्म INOX Leisure Ltd. (विपक्षी पक्ष संख्या-1) में दिखाई जानी थी, जिसका बाद में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के आदेश के तहत PVR Ltd. में विलय होकर नाम PVR INOX Limited (विपक्षी पक्ष संख्या-3) हो गया। शो 15 मार्च 2025 को रात 10:00 बजे शुरू होना निर्धारित था।
निर्धारित समय पर फिल्म शुरू करने के बजाय थिएटर ने रात 10:00 से 10:09 बजे तक व्यावसायिक विज्ञापन और ट्रेलर दिखाए, जिससे लगभग 9 मिनट की देरी हुई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि इस देरी और फिल्म की अवधि के कारण शो लगभग 12:02 बजे रात को समाप्त हुआ, जिससे उन्हें असुविधा, मानसिक पीड़ा और पूर्व निर्धारित पेशेवर कार्यों में बाधा का सामना करना पड़ा।
उन्होंने टिकट राशि की वापसी, मानसिक कष्ट और असुविधा के लिए क्षतिपूर्ति तथा वाद व्यय की मांग करते हुए उपभोक्ता शिकायत दायर की।
विपक्षी पक्षों की दलीलें
BookMyShow (विपक्षी पक्ष संख्या-2)
टिकटिंग प्लेटफॉर्म ने कहा कि वह केवल टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान करने वाला मध्यस्थ है और थिएटर के संचालन या शो टाइम पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है। उसने अपना दायित्व पूरा कर दिया था।
PVR INOX Limited (विपक्षी पक्ष संख्या-3)
थिएटर प्रबंधन ने कहा कि फिल्मों से पहले जनहित संदेश (Public Service Announcements) और सरकारी निर्देशों के तहत सामग्री दिखाना कानूनी रूप से आवश्यक है। उसने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत व्यापार करने के अपने अधिकार का हवाला देते हुए विज्ञापन प्रदर्शित करने का अधिकार भी बताया। साथ ही, शिकायतकर्ता द्वारा फिल्म की अवधि का अनुमान गलत बताया गया और CBFC प्रमाणपत्र के अनुसार फिल्म की अवधि 150.03 मिनट बताई गई।
आयोग की टिप्पणियाँ और निर्णय
आयोग ने पाया कि टिकट पर शो टाइम 10:00 बजे था, जबकि फिल्म वास्तव में लगभग 10:09 बजे विज्ञापनों के बाद शुरू हुई।
सरकारी दिशा-निर्देशों की समीक्षा करते हुए आयोग ने कहा कि जनहित संदेश फिल्म पैकेज शुरू होने से पहले या अंतराल के दौरान दिखाए जा सकते हैं, परंतु टिकट पर मुद्रित समय के बाद फिल्म शुरू करने में देरी करने के लिए उनका उपयोग नहीं किया जा सकता।
आयोग ने कहा कि टिकट पर अंकित समय संविदात्मक दायित्व बनाता है और बिना पूर्व सूचना के उससे विचलन उपभोक्ता के साथ अनुबंध का उल्लंघन है।
यह पाया गया कि देरी तकनीकी कारणों या अनिवार्य जनहित संदेशों के कारण नहीं, बल्कि राजस्व अर्जित करने हेतु व्यावसायिक विज्ञापन दिखाने के कारण हुई। अतः इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया।
BookMyShow के संबंध में आयोग ने कहा कि वह केवल बुकिंग सुविधा प्रदान करता है और शो के समय पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है, इसलिए उसके खिलाफ सेवा में कमी सिद्ध नहीं होती।
आयोग ने यह भी माना कि शिकायतकर्ता द्वारा फिल्म की कुल अवधि का अनुमान पूरी तरह सटीक नहीं था, परंतु मुख्य मुद्दा शो के प्रारंभ में अनुचित देरी ही था।
आदेश
आयोग ने शिकायत आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए थिएटर संचालक को उत्तरदायी ठहराया और निम्न निर्देश दिए—
• मानसिक कष्ट और असुविधा के लिए ₹5,000 का मुआवजा
• वाद व्यय के रूप में ₹3,000 का भुगतान
• भविष्य में टिकट पर मुद्रित शो टाइम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश
टिकट राशि वापस करने की मांग अस्वीकार कर दी गई। BookMyShow के विरुद्ध शिकायत खारिज कर दी गई।
आयोग ने 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन करने का निर्देश दिया। निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर मुआवजा राशि पर शिकायत की तिथि से वसूली तक 9% वार्षिक ब्याज देय होगा।