DTDC ने एक बॉक्स डिलीवर नहीं किया, आयोग ने ₹50,000 मुआवज़ा देने का आदेश दिया
केरल के त्रिशूर स्थित उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मामले में DTDC एक्सप्रेस लिमिटेड और उसके चैनल पार्टनर को सेवा में कमी का दोषी ठहराया। शिकायतकर्ता, जो “Meraki” की संस्थापक हैं, ने मई 2023 में हैदराबाद में एक आर्ट एग्ज़ीबिशन आयोजित किया था।
प्रदर्शनी के बाद, उन्होंने 29 मई 2023 को अपनी पेंटिंग्स के 8 बॉक्स DTDC के माध्यम से ₹20,000 का कूरियर शुल्क देकर भेजे। लेकिन 12 जून 2023 को केवल 7 बॉक्स ही डिलीवर हुए। एक बॉक्स, जिसमें दो पेंटिंग्स थीं (प्रत्येक की कीमत ₹20,000 बताई गई), कभी नहीं पहुंचा।
शिकायतकर्ता ने कई बार ईमेल और फोन के माध्यम से संपर्क किया, लेकिन कूरियर कंपनी द्वारा केवल आश्वासन दिया गया, डिलीवरी नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कानूनी नोटिस भेजा और उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। विपक्षी पक्ष आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए, जिसके चलते मामला एकतरफा (ex parte) चला।
आयोग के अवलोकन और फैसला:
आयोग ने रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर पाया कि 8 में से केवल 7 बॉक्स ही डिलीवर किए गए, जिससे स्पष्ट रूप से सेवा में कमी साबित होती है।
हालांकि, आयोग ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता पेंटिंग्स की कीमत का कोई ठोस दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकी, इसलिए दावा की गई राशि नहीं दी जा सकती। फिर भी आयोग ने यह माना कि उपभोक्ता से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह अतिरिक्त सावधानियां जैसे बीमा करवाए, जब तक सेवा प्रदाता द्वारा इसकी स्पष्ट मांग न की जाए।
इन परिस्थितियों में, आयोग ने शिकायत आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए DTDC और उसके पार्टनर को संयुक्त रूप से ₹50,000 मानसिक पीड़ा, असुविधा और कठिनाई के लिए मुआवज़ा तथा ₹5,000 मुकदमे की लागत देने का निर्देश दिया। साथ ही, यह राशि 9% वार्षिक ब्याज के साथ, शिकायत दाखिल करने की तारीख से भुगतान तक देय होगी, जिसे 45 दिनों के भीतर अदा करना होगा।