छात्र चाहें तो ICSE बोर्ड की परीक्षा से बाहर हो सकते हैं, परिणाम प्री-बोर्ड परीक्षा के आधार पर घोषित किए जा सकते हैं : CISCE ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा

Update: 2020-06-16 07:36 GMT

काउंसिल फ़ॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट इग्ज़ामिनेशंस (CISCE) ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा कि कक्षा 10 और 12 के छात्र चाहें तो ICSE की शेष बोर्ड परीक्षा से बाहर हो सकते हैं और उनके परीक्षा परिणाम प्री-बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंक के आधार पर घोषित कर दिए जाएंगे।

न्यायमूर्ति दीपंकर दत्ता और न्यायमूर्ति एसएस शिंदे की पीठ वक़ील अरविंद तिवारी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में 2 जुलाई से बोर्ड की जो शेष परीक्षा शुरू होनी है उसे रद्द करने का निर्देश देने की माँग की गई है और छात्रों को पिछले प्रदर्शनों के आधार पर ग्रेड देने की मांग की गई है।

इससे पूर्व, ICSE बोर्ड या CISCE ने ICSE बोर्ड की परीक्षा जो फ़रवरी-मार्च में होनी थी, कोरोना महामारी के कारण रोक दी गई थी।

वरिष्ठ वक़ील डारियस ख़मबट्टा ने काउंसिल के विभिन्न निर्णयों की जानकारी दी। छात्रों को कई सारे विकल्प दिए गए हैं। इनमें एक विकल्प है कि जो छात्र परीक्षा हॉल में जाकर परीक्षा नहीं देना चाहते हैं, उनका परीक्षा परिणाम प्री-बोर्ड में उनके प्राप्तांकों के आधार पर घोषित की जाएगी।

छात्रों से 22 जून 2020 तक इस बारे में बात देने को कहा है ताकि ICSE बोर्ड इस बारे में निर्णय ले सके।

अदालत ने इस पर कहा,

"प्रथम दृष्टया यह निर्णय उचित और तर्कसंगत लगता है। हालांकि, हम इस मामले को अभी बंद नहीं करना चाहते हैं क्योंकि यह जनहित याचिका महत्त्वपूर्ण है। हम प्रतिवादी नंबर 2 (ICSE बोर्ड) को आदेश देते हैं कि वह सभी स्कूलों के प्रिन्सिपल्ज़ को इस निर्णय के बारे में बताए और उन्हें अभिभावकों के साथ इसे साझा करने को कहें। इसके अलावा, इस फ़ैसले का संक्षिप्त प्रकाशन मराठी, अंग्रेज़ी और हिंदी के अख़बारों में हो ताकि सभी संबंधित लोगों को इसकी जानकारी हो सके।"

राज्य को कहा गया है कि वह ICSE बोर्ड के फ़ैसले पर अपना फ़ैसला बताए। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी।

शुक्रवार को राज्य सरकार ने अदालत से कहा था कि कोरोना महामारी के फैलने कारण परीक्षा आयोजित करना उचित नहीं होगा।

आदेश की प्रति डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



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