श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा कोर्ट को दो लंबित आवेदनों पर चार महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया

Update: 2022-05-13 03:09 GMT

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा की एक स्थानीय अदालत को श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के संबंध में उसके समक्ष लंबित दो आवेदनों पर चार महीने के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया है।

जस्टिस सलिल कुमार राय की खंडपीठ ने यह आदेश भगवान श्री कृष्ण विराजमान और एक अन्य की याचिका पर इस प्रकार देखते हुए जारी किया:

"सिविल जज (सीनियर डिवीजन), मथुरा को निर्देश दिया जाता है कि वह इस आदेश की प्रमाणित प्रति पेश करने की तारीख से चार महीने की अवधि के भीतर और प्रभावित पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के बाद, यदि उपरोक्त आवेदनों पर निर्णय लेने में कोई कानूनी बाधा न हो तो उपरोक्त आवेदनों पर शीघ्रता से निर्णय लें। "

उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता भगवान श्री कृष्ण विराजमान के मित्र मनीष यादव ने मथुरा की जिला अदालत में दो अलग-अलग आवेदन दायर किए हैं [ नागरिक प्रक्रिया संहिता, आदेश 39, नियम 1 और 2 के तहत और आदेश 4-ए, नियम 1 के तहत ]।

हाईकोर्ट ने इन दोनों आवेदनों को चार महीने के भीतर निपटाने का आदेश दिया है।

पहले आवेदन [आदेश 39, नियम 1 और 2 सीपीसी के तहत दायर] में विवादित स्थान पर विरोधी पक्षों (यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और अन्य) में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के लिए अस्थायी निषेधाज्ञा के आदेश की प्रार्थना की गई है।

वहीं दूसरी अर्जी [आदेश 4-ए, नियम 1 सीपीसी के तहत दायर] में मथुरा की जिला अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के संबंध में दर्ज सभी मुकदमों को मिलाने और सुनवाई के लिए प्रार्थना की गई है।


केस टाइटल - भगवान श्री कृष्ण विराजमान और अन्य बनाम यू.पी. सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और 3 अन्य

साइटेशन : 2022 लाइव लॉ (एबी) 239

आदेश की प्रति डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



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