SCAORA ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र कहा, एनसीआर में रहने वाले वकीलों को दिल्ली में आने-जाने की अनुमति दी जाए

Update: 2020-05-06 03:15 GMT

सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) के सचिव जोसेफ अरस्तू एस ने मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को एक पत्र लिखा है, जिसमें मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया गया है कि वह निर्देश जारी करें ताकि नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और अन्य एनसीआर क्षेत्रों में रहने वाले अधिवक्ताओं को उनके दिल्ली स्थित कार्यालयों में आने-जाने की अनुमति दी जा सके।

पत्र में कहा गया है कि भले ही दिल्ली में 4 मई से कार्यालयों में 33 प्रतिशत कर्मियों के साथ काम करने की अनुमति दे दी गई है, परंतु एनसीआर क्षेत्र में रहने वाले उन अधिवक्ताओं को बार्डर पार करने की अनुमति नहीं है जो सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं।

इन परिस्थितियों ने इन सभी अधिवक्ताओं को न्यायलय तक पहुंचने,उनके कार्यालय में आने-जाने व प्रासंगिक केस की फाइलों तक पहुंचने से वंचित कर दिया है। ''बार के इन सदस्यों को अधिकारी सीमा के पार जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। उन्हें उस लाभ से वंचित किया जा रहा है, जो उनकी आजीविका का स्रोत भी है।''

पत्र में कहा गया है कि

"वकीलों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि उनकी पहुंच उनके कार्यालयों/चैंबर्स में रखी गई फाइलों तक हो पाएं ताकि वह अपने मुविक्कलों तक न्याय पहुंचा सकें। एनसीआर क्षेत्र से वकीलों को दिल्ली आने से रोकने का मतलब यह है कि उन्हें उनके कार्यालयों तक जाने से रोका जा रहा है क्योंकि उनके कार्यालय सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर स्थित हैं और वह वहां से काम करते हैं। दिल्ली की सीमाओं के आस-पास रहने वाले वकीलों को उनके सुप्रीम कोर्ट चैंबर्स में रखी गई फाइलों तक पहुंचने की जरूरत है, परंतु उन्हें इन फाइलों तक पहुंचने के लिए अनुमति मांगने से भी रोक दिया गया है।''

ऐसी परिस्थितियों में SCAORA ने सीजेआई से अनुरोध किया है कि वे संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश/ आदेश जारी करें ताकि वे नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और अन्य एनसीआर क्षेत्रों (सीमाओं के पार) से दिल्ली आने के लिए अधिवक्ताओं/एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड को दिल्ली व सुप्रीम कोर्ट में स्थिति उनके चैंबर्स में आने की अनुमति दें। वकीलों को उनके आईडी कार्ड दिखाने के आधार पर यह अनुमति दी जाए।

इसी तरह का एक पत्र दिल्ली हाईकोट बार एसोसिएशन की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट को भी लिखा गया है, जिसमें एनसीआर में रहने वाले वकीलों को दिल्ली आने-जाने की अनुमति देने की मांग की गई है।  

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