जोधपुर में अवैध डाइंग यूनिट्स से होने वाले प्रदूषण पर निष्क्रिय राज्य सरकार, हाईकोर्ट ने की आलोचना की
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर की रिहायशी कॉलोनियों में कथित अवैध डाइंग और प्रिंटिंग के कारण हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए राज्य सरकार की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई।
जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा कि पहले कई बार समय दिए जाने के बावजूद, राज्य सरकार ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही कोई जवाब दाखिल किया।
कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को इस निष्क्रियता का कारण बताने और अपने आदेशों/पत्रों के अनुसार कार्रवाई करने तथा अगली तारीख पर अनुपालन रिपोर्ट (compliance report) जमा करने का निर्देश दिया।
बता दें, कोर्ट एक PIL (जनहित याचिका) पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें कपड़ों की डाइंग और प्रिंटिंग से निकलने वाले प्रदूषित पानी के कारण जोधपुर में हो रहे प्रदूषण का मुद्दा उठाया गया। आरोप था कि रिहायशी कॉलोनियों में कुछ लोग अवैध रूप से कपड़ों की डाइंग और प्रिंटिंग कर रहे थे।
इसलिए प्रदूषण की समस्या को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
कोर्ट ने कहा,
“यह दुखद स्थिति है कि इस कोर्ट द्वारा अतिरिक्त एडवोकेट जनरल (Additional Advocate General) को कम समय दिए जाने के बावजूद, न तो प्रतिवादियों (respondents) की ओर से कोई जवाब दाखिल किया गया और न ही उनके अपने 24.10.2025 और 28.10.2025 के पत्रों/आदेशों में बताई गई कोई कार्रवाई की गई। कोर्ट को यह समझ नहीं आ रहा है कि इस मामले की गंभीरता के बारे में प्रतिवादियों को अवगत कराने के बावजूद, राज्य के अधिकारियों से अपेक्षित कार्रवाई क्यों नहीं की गई।”
अब इस मामले की सुनवाई 14 जुलाई, 2026 को होगी।
Title: Shailendra Bhandari v State of Rajasthan