राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यूज 18 के पत्रकार अमन चोपड़ा को 27 मई को पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया

Update: 2022-05-23 07:46 GMT

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने न्यूज 18 के पत्रकार अमन चोपड़ा को 27 मई, 2022 को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है, ताकि उसके खिलाफ "देश झुके नहीं देंगे" नामक शो प्रसारित करने और बाद में ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट के लिए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर से संबंधित पूछताछ की जा सके। अमन के उक्त शो के परिणामस्वरूप 22.04.2022 को अलवर में कथित तौर पर सांप्रदायिक वैमनस्य और सांप्रदायिक दंगे हुए।

कोर्ट ने आदेश दिया कि अमन को सुबह 10:30 से शाम 5:00 बजे के बीच होने वाली पूछताछ के बीच लंच आदि के लिए 45 मिनट का ब्रेक दिया जाएगा।

जस्टिस दिनेश मेहता ने कहा,

"उपरोक्त के मद्देनजर, याचिकाकर्ता को 27.05.2022 को जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया जाता है, जो पूछताछ के लिए सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच होगी। याचिकाकर्ता को दोपहर के भोजन के लिए 45 मिनट का ब्रेक दिया जाएगा।"

अदालत ने 11 मई को राज्य पुलिस को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124-ए के तहत दंडनीय अपराध करने के आरोपों की जांच नहीं करने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के आलोक में जारी किया था जिसमें केंद्र सरकार द्वारा प्रावधान पर पुनर्विचार करने तक 152 साल पुराने राजद्रोह कानून [भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए के तहत] को स्थगित रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजद्रोह कानून, न्यूज 18 के पत्रकार अमन चोपड़ा को आईपीसी की धारा 124A केस में राजस्थान हाईकोर्ट से मिली राहत

अमन के शो को ट्विटर पर प्रसारित करने और पोस्ट करने की कार्रवाई के लिए तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं। पहली एफआईआर थाना बिछवाड़ा डूंगरपुर में एफआईआर नंबर 147/2022 (वर्तमान मामला) के तहत 23.04.2022 को दर्ज की गई थी, दूसरी एफआईआर पुलिस स्टेशन सदर, बूंदी में 23.04.2022 को ही एफआईआर नंबर 200/2022 के तहत दर्ज की गई थी। तीसरी प्राथमिकी 24.04.2022 को थाना कोतवाली, अलवर में एफआईआर नंबर 372/2022 के तहत दर्ज की गई थी।

उस पर आईपीसी की धारा 124-ए, 295-ए, और 153-ए के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बाद की दो एफआईआर [एफआईआर नंबर 200/2022 और एफआईआर नंबर 372/2022] में उसे 7 मई को राहत दी गई, क्योंकि कोर्ट ने गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने का आदेश दिया था। पहली एफआईआर के संबंध में, जिसके लिए वर्मतान याचिका दायर की गई है, अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कथित अपराधों के कमीशन के संबंध में किसी भी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले याचिकाकर्ता की पूछताछ सहित जांच आवश्यक है।

राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यूज 18 पत्रकार अमन चोपड़ा को उसके ट्वीट पर गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की, जिसके परिणामस्वरूप कथित तौर पर 'अलवर में सांप्रदायिक दंगे हुए'

अब कोर्ट ने मंगलवार को अंतरिम आदेश जारी रखने का आदेश देते हुए मामले को 08.07.2022 को सूचीबद्ध कर दिया है।

याचिकाकर्ता के लिए वकील: मनोज भंडारी, सीनियर एडवोकेट निशंक माधन, अचिंत्य कौशिक, गोविंद सुथार, सपना वैष्णव द्वारा सहायता प्रदान की

प्रतिवादियों के लिए वकील: विनीत जैन, सीनियर एडवोकेट, स्पेशल पीपी, प्रवीण व्यास, राजीव विश्नोई, अशोक कुमार, जीए-सह-एएजी गौरव सिंह, पीपी द्वारा सहायता प्रदान की।

शिकायतकर्ता की ओर से वकील हर्षवर्धन सिंह, गजेन्द्र सिंह, वेंकट पूनिया पेश हुए।

केस टाइटल: अमन चोपड़ा बनाम राजस्थान राज्य और अन्य।

ऑर्डर डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



Tags:    

Similar News