सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई का प्रतिनिधित्व करने से वकीलों के इनकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

Update: 2022-06-27 07:06 GMT

कथित गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के पिता ने पंजाब के लोकप्रिय गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में पंजाब के मनसा कोर्ट में अपने बेटे को पेश करने के लिए दिल्ली की एक अदालत द्वारा जारी ट्रांजिट रिमांड आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेबी पारदीवाला की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष एडवोकेट संग्राम सिंह सरोन ने वर्तमान सुनवाई के लिए याचिका का उल्लेख किया।

पीठ ने कहा कि अगर बार ने उनका बहिष्कार किया है तो यह "बिल्कुल अनुचित" है, लेकिन यह भी कहा कि इस मामले को हाईकोर्ट के समक्ष रखा जा सकता है।

जस्टिस कांत ने कहा,

"आप हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं और वे आपको कानूनी सहायता के लिए वकील देंगे।"

वकील ने कहा कि वह दिल्ली के मजिस्ट्रेट द्वारा बिश्नोई को पंजाब ले जाने की अनुमति देने वाले आदेश को भी चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि ट्रांजिट रिमांड आदेश बिश्नोई द्वारा दायर पिछले मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित कुछ अंतरिम निर्देशों के विपरीत है।

पीठ ने पूछा कि जब पंजाब में हत्या हुई है तो बिश्नोई से पूछताछ करने के पंजाब पुलिस के अधिकार क्षेत्र को कैसे चुनौती दी जा सकती है।

जस्टिस कांत ने पूछा,

"पंजाब में हत्या हुई, उसे पंजाब क्यों नहीं ले जाया जा सकता?"

न्यायाधीश ने कहा कि अवकाश के दौरान मामले को सूचीबद्ध करने की कोई जल्दबाजी नहीं है।

वकील ने प्रस्तुत किया कि पिता द्वारा रिट याचिका दायर की गई है, क्योंकि उनकी बिश्नोई तक कोई पहुंच नहीं है। उनके प्रार्थना करने के बाद पीठ ने अदालत के फिर से खुलने पर 11 जुलाई को मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की।

मानसा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने वाले मूसेवाला की 29 मई को हत्या कर दी गई थी। बिश्नोई तब संगठित अपराध से जुड़े मामलों के सिलसिले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में था। पंजाब पुलिस का आरोप है कि मूसेवाला की हत्या के पीछे बिश्नोई मास्टरमाइंड है और तिहाड़ जेल में इस अपराध की साजिश रची गई थी।

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