AAP विधायकों की शिकायतों को चुनौती देने वाले यूट्यूबर रतनदीप सिंह धालीवाल को राहत नहीं

Update: 2026-07-02 13:43 GMT

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जुलाई) को पत्रकार और यूट्यूबर रतनदीप सिंह धालीवाल को राहत देने से इनकार किया। धालीवाल ने AAP विधायकों द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कई शिकायतों को चुनौती दी थी।

21 मई को धालीवाल ने अपने पॉडकास्ट में कहा था कि पंजाब विधानसभा के आगामी चुनावों में पार्टी के मौजूदा 32 विधायकों को शायद उम्मीदवार न बनाया जाए। इसके बाद कई विधायकों ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज कराईं और पंजाब के अलग-अलग जिलों की पुलिस ने उन्हें कई नोटिस भेजे।

जस्टिस अमन चौधरी ने कोई भी राहत देने से इनकार किया और कहा कि धालीवाल पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) को अपनी बात रखने के लिए उचित आवेदन दे सकते हैं।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा,

"आप किस तरह के पत्रकार हैं?"

इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि YouTube पर याचिकाकर्ता के काफी फॉलोअर्स हैं।

तब कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा,

"अपनी योग्यता बताइए। आजकल हर किसी के फॉलोअर्स होते हैं... फॉलोअर्स पाना आसान है।"

कोर्ट ने आगे पूछा,

"आपकी कमाई का ज़रिया क्या है?"

इस पर याचिकाकर्ता ने जवाब दिया कि उन्होंने पत्रकारिता की है और उनकी कमाई का ज़रिया YouTube है।

कोर्ट ने कहा कि जब याचिकाकर्ता ने विवादित कंटेंट पब्लिश किया और संबंधित विधायक अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से थे, तो शिकायतें तो होनी ही थीं। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर ऐसी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती तो पुलिस की गलती मानी जाती। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से जांच में शामिल होने को कहा और बताया कि जांच उनके अपने हित में है।

याचिकाकर्ता के सीनियर वकील ने कहा कि ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है, जो पुलिस को FIR दर्ज करने से पहले कोई जांच करने का अधिकार देता हो। यह भी कहा गया कि याचिकाकर्ता को 30 से ज़्यादा नोटिस भेजे गए हैं और उन्हें अलग-अलग जगहों पर पेश होने के लिए बुलाया गया, जिससे उनके लिए जांच में शामिल होना असंभव हो गया। यह तर्क दिया गया कि पुलिस याचिकाकर्ता को परेशान कर रही है और इसलिए, उन्हें सख्त कार्रवाई से सुरक्षा मिलनी चाहिए।

राज्य की ओर से पेश एडवोकेट जनरल मनिंदरजीत सिंह बेदी ने कहा कि जब मामला अभी शुरुआती चरण में हो तो पूरी सुरक्षा (ब्लैंकेट प्रोटेक्शन) देना कानून के खिलाफ होगा, खासकर तब जब याचिकाकर्ता को जांच के दौरान सिर्फ़ अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया जा रहा हो। यह भी कहा गया कि याचिकाकर्ता के लिए इस चरण पर कोर्ट जाने की कोई वजह नहीं थी।

धालीवाल "रतनदीप सिंह धालीवाल" और "टॉक विद रतन" नाम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चलाते हैं। इस मामले में विवाद मई 2026 में उनके द्वारा प्रसारित एक पॉडकास्ट से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों पर चर्चा की थी।

याचिका में पॉडकास्ट से जुड़ी सभी शिकायतों पर कार्यवाही रोकने और कई जांचों व समन को चुनौती देने की मांग की गई।

Title: RATTANDEEP SINGH DHALIWAL V/S STATE OF PUNJAB

Tags:    

Similar News