दिल्ली हाईकोर्ट में कोर्ट फीस जमा कराने की प्रक्रिया बहाल, 25 मार्च के बाद दायर मामलों के लिए 15 दिनों के भीतर कोर्ट फीस जमा करानी होगी

Update: 2020-08-07 05:02 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने अत्यावश्यक (अर्जेंट) और अपेक्षाकृत कम आवश्यक (नन-अर्जेंट) मामलों के लिए कोर्ट फीस जमा कराने की प्रक्रिया बहाल कर दी है।

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल (महापंजीयक) ने छह अगस्त, 2020 को एक आदेश जारी करके इस निर्णय की जानकारी दी है।

इस आदेश में कहा गया है :

"चूंकि दिल्ली हाईकोर्ट परिसर स्थित स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एससीएचआईएल) के काउंटर खुल गये हैं, तो सभी संबंधित पक्ष मुकदमों की व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर फाइलिंग करते वक्त या ई-फाइलिंग करते वक्त अपेक्षित कोर्ट फीस की अदायगी सुनिश्चित करेंगे।"

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि रजिस्ट्री बगैर कोर्ट फीस वाले अत्यावश्यक या कम आवश्यक, किसी भी प्रकार के नये मामलों को न तो मंजूर करेगी या न सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेगी।

साथ ही, 25 मार्च या उसके बाद बगैर कोर्ट फीस या कम कोर्ट फीस के साथ (अत्यावश्यक या कम आवश्यक) मामले दर्ज करने वाले वकीलों से भी आग्रह किया जाता है कि ऐसे लंबित या निपटारा किये जा चुके मामलों की अपेक्षित कोर्ट फीस संबंधित फाइलिंग काउंटर पर 15 दिनों के भीतर जमा करा दें।

यदि वे (संबंधित वकील) ऐसा करने में असफल रहते हैं तो ऐसे मामलों को उचित आदेश के लिए कोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।

आदेश की प्रति डाउनलोड करें



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