पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने देवी जानकी, लक्ष्मण जी के खिलाफ 'आपत्तिजनक' फेसबुक पोस्ट करने के आरोपी- मोहम्मद सरफराज उर्फ शरफराज अंसारी को अग्रिम जमानत दी।

जस्टिस अंजनी कुमार शरण की खंडपीठ ने आदेश दिया कि आज से छह सप्ताह के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी या उसके समक्ष आत्मसमर्पण करने की स्थिति में उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बेतिया, पश्चिम चंपारण की संतुष्टि के लिए 25 हजान रुपए का जमानत बांड भरने और इतनी ही राशि के जमानतदार पेश करने की शर्त पर जमानत पर रिहा किया जाए।

आरोपी ने कथित तौर पर फेसबुक ग्रुप नॉनवेज चुटकुले और फुल मस्ती में देवी जानकी और लक्ष्मण जी के खिलाफ एक पोस्ट किया था जिससे धार्मिक भावनाएं और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ गया था।

उसने भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए) और 295 (ए) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए दर्ज मामले में अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत का रुख किया।

उसके वकील ने तर्क दिया कि वह निर्दोष है और उसे वर्तमान मामले में झूठा फंसाया गया है और जांच के दौरान उनके खिलाफ कोई सामग्री नहीं मिली थी।

यह भी कहा गया कि फेसबुक पोस्ट बनाने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर उसका नहीं है।

राज्य के एपीपी ने यह कहते हुए अग्रिम जमानत दिए जाने का विरोध किया कि याचिकाकर्ता उस ग्रुप का एडमिन है। हालांकि, अदालत ने उसे दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 (2) के तहत निर्धारित शर्तों के अधीन जमानत दे दी।

केस टाइटल - मोहम्मद सरफराज बनाम बिहार राज्य

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