तमिलनाडु की राजनीति में अब ज्योतिषी की एंट्री पर कानूनी संग्राम छिड़ गया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय द्वारा ज्योतिषी रिकी रतन पंडित वेट्रिवेल को “ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD)” नियुक्त किए जाने के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया गया है।
बुधवार (13 मई) को वकील कृष्णमूर्ति ने अवकाशकालीन बेंच के सामने मामले का तत्काल उल्लेख करते हुए कहा कि यह नियुक्ति “कानून और संविधान की तय प्रक्रिया को दरकिनार कर” की गई है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि न कोई आधिकारिक विज्ञापन जारी हुआ, न आवेदन मांगे गए और न ही किसी भर्ती प्रक्रिया का पालन किया गया।
जस्टिस विक्टोरिया गौरी और जस्टिस एन सेंथिलकुमार की बेंच ने याचिका दाखिल करने की अनुमति देते हुए कहा कि मामला गुरुवार को सुनवाई के लिए लिया जा सकता है।
याचिका में दावा किया गया है कि वेट्रिवेल ने पहले भविष्यवाणी की थी कि विजय 2026 विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल कर मुख्यमंत्री बनेंगे। आरोप है कि उसी “भविष्यवाणी” के इनाम के तौर पर उन्हें यह अहम सरकारी पद दिया गया।
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के उमा देवी फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी नियुक्तियां संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत तय नियमों के अनुसार ही हो सकती हैं। बिना नियम, बिना नोटिफिकेशन और बिना चयन प्रक्रिया की गई यह नियुक्ति अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है।
याचिका में कोर्ट से मांग की गई है कि वेट्रिवेल से पूछा जाए कि आखिर वह किस अधिकार से इस पद पर बने हुए हैं और उनकी नियुक्ति को अवैध व मनमाना घोषित किया जाए।