मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा ने सोमवार को बहुचर्चित अवैध खनन मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया।

उन्होंने आदेश में स्पष्ट किया कि विजयरा‍घवगढ़ विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी विधायक (BJP MLA) संजय पाठक ने उनसे इस मामले पर चर्चा करने के लिए संपर्क साधने का प्रयास किया।

जस्टिस मिश्रा ने कहा,

“संजय पाठक ने इस विशेष मामले को लेकर मुझसे चर्चा करने के लिए कॉल करने का प्रयास किया, इसलिए मैं इस रिट याचिका की सुनवाई के लिए इच्छुक नहीं हूं। मामला माननीय चीफ जस्टिस के समक्ष रखा जाए ताकि इसे उचित पीठ को सौंपा जा सके।”

मामला क्या है?

यह मामला कथित अवैध खनन से जुड़ा है, जिसमें 440 करोड़ रुपये मूल्य का लौह अयस्क तय सीमा से बाहर निकालने और लगभग 80 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के आरोप लगे हैं।

संदेह के घेरे में आई कंपनियां निर्मला मिनरल्स, आनंद माइनिंग और पैसिफिक एक्सपोर्ट विधायक संजय पाठक से कथित रूप से जुड़ी बताई जा रही हैं।

जनवरी, 2025 में आशुतोष दीक्षित नामक व्हिसलब्लोअर ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।

अब मामले को चीफ जस्टिस के आदेशानुसार किसी अन्य पीठ को सौंपा जाएगा।

केस टाइटल: आशुतोष दीक्षित बनाम आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (WP 28456/2025)

Tags: