केरल हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत स्वप्ना सुरेश के बयान की प्रतियां मांगने वाली सौलार पैनल घोटाले में मुख्य आरोपी सरिता नायर की याचिका खारिज की

Update: 2022-08-10 05:31 GMT

केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने सौलार पैनल घोटाले (Solar Panel Scam) की मुख्य आरोपी सरिता एस. नायर (Sarita S. Nair) द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने सोने की तस्करी मामले (Gold Smuggling Case) में आरोपी स्वप्ना सुरेश (Swapna Suresh) द्वारा सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए गए बयान की प्रतियां प्रदान करने की मांग की थी।

जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने याचिका खारिज कर दी।

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील एडवोकेट बी.ए. अलूर ने प्रस्तुत किया कि स्वप्ना द्वारा दिया गया बयान एक सार्वजनिक दस्तावेज है और इसलिए, याचिकाकर्ता इसकी प्रति प्राप्त करने की हकदार है।

आगे प्रस्तुत किया गया कि याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है, यह आशंका है कि सुरेश द्वारा दिए गए बयान में उसके खिलाफ कुछ आरोप रिकॉर्ड में लाए जा सकते हैं।

इस प्रकार, याचिकाकर्ता ने प्रार्थना की कि अदालत उसकी याचिका को अनुमति दे, जिसमें उसे उक्त दस्तावेज की प्रमाणित प्रतियां पेश करने का निर्देश देने की मांग की गई है, जिसमें विफल रहने पर उसे एक अपूरणीय चोट, कठिनाई, साथ ही साथ शारीरिक और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ेगा।

इस मामले में एमिकस क्यूरी एडवोकेट के.के. धीरेंद्रकृष्णन को इस कानूनी सवाल का फैसला करना है कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किया गया बयान एक सार्वजनिक दस्तावेज है या नहीं।

एमिकस क्यूरी ने कहा कि धारा 164 के तहत बयान अदालत द्वारा संज्ञान लेने के बाद ही सार्वजनिक दस्तावेज बनता है। उन्होंने कहा कि आरोपपत्र दाखिल करने से पहले धारा 164 के तहत स्टेटमेंट की कॉपी आरोपी समेत किसी को भी नहीं सौंपी जा सकती।

याचिकाकर्ता ने यह भी तर्क दिया कि भले ही आगे की जांच जारी है, चार्जशीट पहले ही दायर की जा चुकी है और मामले में एक मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकार यह आग्रह करते हुए कि याचिकाकर्ता एक प्रति प्राप्त करने का हकदार है।

सरिता नायर पर आरोप है कि उन्होंने कई प्रभावशाली लोगों को व्यापार भागीदार बनाने की पेशकश करके या उनके लिए सौर ऊर्जा इकाइयों को स्थापित करने की पेशकश करके और उसी के लिए अग्रिम भुगतान प्राप्त करके 70 लाख की ठगी की। स्वप्ना सुरेश पर तिरुवनंतपुरम स्थित यूएई वाणिज्य दूतावास भेजे गए राजनयिक कार्गो के माध्यम से 30 किलोग्राम सोने की तस्करी का आरोप है।

याचिकाकर्ता ने शुरू में इसी अनुरोध के साथ एर्नाकुलम के प्रधान जिला और सत्र न्यायालय का रुख किया था, लेकिन वहां इनकार कर दिया गया।

केस टाइटल: सरिता एस. नायर बनाम भारत संघ

साइटेशन: 2022 लाइव लॉ (केरल) 421

Tags:    

Similar News