BREAKING| लोकसभा जांच के बीच जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, घर में मिला था 'करोड़ों' का कैश

Update: 2026-04-10 07:28 GMT

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया। बता दें, उन पर 'घर पर कैश मिलने' के कथित विवाद को लेकर लोकसभा में जांच चल रही है।

उन्होंने कहा,

"बड़े दुख के साथ मैं इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज के पद से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा देता हूं।"

इस्तीफे की चिट्ठी की एक कॉपी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत को भेजी गई।

इस्तीफे की चिट्ठी में जस्टिस वर्मा ने कहा कि वह राष्ट्रपति के गरिमामय पद पर अपने इस्तीफे की वजहों का बोझ नहीं डालना चाहते। उन्होंने आगे कहा कि इस पद पर सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात थी।

यह इस्तीफा उस समय हुआ, जब लोकसभा समिति द्वारा उन्हें हटाने के प्रस्ताव पर जांच चल रही थी।

पिछले साल, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जजेस (जांच) एक्ट, 1968 के तहत जस्टिस वर्मा के खिलाफ जांच के लिए तीन सदस्यों वाली समिति बनाई थी। यह जांच उनके सरकारी आवास पर कथित तौर पर बिना हिसाब-किताब वाली नकदी मिलने के मामले में थी।

इस समिति के सदस्यों में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार, बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस श्री चंद्रशेखर और कर्नाटक हाईकोर्ट के सीनियर वकील वासुदेव आचार्य शामिल हैं।

लोकसभा स्पीकर ने यह जांच समिति तब बनाई थी, जब लोकसभा के 146 सदस्यों ने जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया।

यह मामला 14 मार्च, 2025 को आग बुझाने के अभियान के दौरान जस्टिस वर्मा (जो उस समय दिल्ली हाई कोर्ट के जज थे) के सरकारी आवास के एक बाहरी कमरे में अचानक बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से जुड़ा है।

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