आइजोल में स्थित 100 वर्ष पुराने पेड़ों की कटाई पर हाइकोर्ट ने लगाई रोक, राज्य सरकार से मांगा जवाब

Update: 2026-05-06 09:26 GMT

गुवाहाटी हाइकोर्ट की आइजोल पीठ ने शहर के बीच स्थित खाली कराई गई असम राइफल्स भूमि पर लगभग 100 वर्ष पुराने पेड़ों की कटाई के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पेड़ों की कटाई पर अंतरिम रोक लगाई।

जस्टिस माइकल जोथंखुमा और जस्टिस कौशिक गोस्वामी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक संबंधित क्षेत्र में कोई और पेड़ न काटा जाए।

यह जनहित याचिका पर्यावरण कार्यकर्ता साइजामपुई साइलो द्वारा दायर की गई। याचिका में कहा गया कि आइजोल की मुख्य सड़क को बाजार बंकॉन से ट्रेजरी स्क्वायर तक चौड़ा करने की प्रस्तावित योजना के कारण बड़ी संख्या में पुराने और विशाल पेड़ों को काटा जा रहा है।

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि ये पेड़ शहर के लिए कार्बन सिंक का कार्य करते हैं और कंक्रीट के बढ़ते ढांचे के बीच पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसके बावजूद सरकार इन्हें संरक्षित करने के बजाय काटने की योजना बना रही है।

अदालत ने मीडिया रिपोर्टों का भी संज्ञान लिया, जिनके अनुसार खाली कराई गई असम राइफल्स भूमि पर 400 से अधिक पेड़ों की पहचान की गई, जिनमें से लगभग 174 पेड़ों को काटने के लिए चिन्हित किया गया।

पीठ ने कहा,

“ये पेड़ लगभग 100 वर्ष पुराने हैं और मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इनमें से एक पेड़ वर्ष 1850 में लगाया गया था।”

अदालत ने यह भी नोट किया कि उक्त भूमि पर स्थित बैरक क्षेत्र वर्ष 1897 में निर्मित बताया जा रहा है। वह एक विरासत स्थल के रूप में भी महत्वपूर्ण है।

इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि इतने पुराने पेड़ों की कटाई वह भी कथित विरासत स्थल पर किस आधार पर की जा रही है।

मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।

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