अवध बार एसोसिएशन (इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच) ने वकीलों, जूनियर वकीलों, एडवोकेट क्लर्कों और लॉ इंटर्न से अपील की कि वे हाईकोर्ट परिसर में रील या इसी तरह के वीडियो न बनाएं और उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड न करें।

2 सितंबर को जारी एक अपील में एसोसिएशन ने कहा कि कुछ युवा वकील, एडवोकेट क्लर्क और लॉ इंटर्न कोर्ट परिसर में आकर रील बना रहे हैं, जिन्हें बाद में सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाता है।

एसोसिएशन ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि हाल ही में किसी ने कोर्ट परिसर में बारिश में वकील की पोशाक पहनकर एक रील बनाई और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया।

इस तरह के व्यवहार को चिंता का विषय बताते हुए एसोसिएशन ने कहा:

"उनका यह काम माननीय हाई कोर्ट और अवध बार एसोसिएशन की इज्ज़त खराब कर रहा है।"

इसलिए एसोसिएशन ने सभी वकीलों से रिक्वेस्ट की कि वे यह पक्का करें कि उनके अंडर काम करने वाले जूनियर वकील, एडवोकेट क्लर्क और लॉ इंटर्न कोर्ट परिसर में रील न बनाएं या ऐसी कोई एक्टिविटी न करें जिससे परिसर या वकील समुदाय की इज्ज़त पर असर पड़े।

इसने सभी जूनियर वकीलों, एडवोकेट क्लर्क और लॉ इंटर्न से अलग से अपील भी की कि वे परिसर में रील न बनाएं और हाईकोर्ट और अवध बार एसोसिएशन की इज्ज़त बनाए रखें। यह अपील ललित किशोर तिवारी, जनरल सेक्रेटरी, अवध बार एसोसिएशन, हाई कोर्ट, लखनऊ ने जारी की।

नोटिस में ऐसी रील बनाने वाले लोगों के खिलाफ कोई डिसिप्लिनरी एक्शन या पेनल्टी नहीं बताई गई। इसे बार के सदस्यों और उनके साथ काम करने वालों से ऐसे काम से बचने की अपील के तौर पर बनाया गया।

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