Punjab & Haryana High Court

पंजाब पुलिस ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट को बुधवार को बताया कि तमाम कोशिशों के बावजूद वह कथित खालिस्तानी सिम्पेथाइज़र अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार/हिरासत में नहीं ले पाई है, हालांकि, राज्य पुलिस के अनुरोध पर गृह मंत्रालय की ओर ने उसके खिलाफ एक लुक आउट सर्कुलर जारी किया है।

पुलिस उपमहानिरीक्षक, बॉर्डर रेंज के जर‌िए दायर एक हलफनामे में ज‌िस्टिस एनएस शेखावत की खंडपीठ को बताया गया है कि अमृतसर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने देश भर के सभी आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को नोटिस जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि 'वारिस पंजाब दे' संगठन प्रमुख, कथित अलगाववादी नेता अमृतपाल सिंह की पेशी/रिहाई की मांग वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को नोटिस जारी किया था, जिसके बाद यह हलफनामा प्रस्तुत किया गया है।

याचिका 'वारिस पंजाब दे' के कानूनी सलाहकार ईमान सिंह खारा ने दायर की है, जिसमें दावा किया गया है कि सिंह को पंजाब पुलिस ने कानून के अधिकार के बिना अवैध तरीके से जबरन हिरासत में लिया था।

हालांकि, पंजाब सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है कि उसने सिंह को हिरासत में लिया है। अमृतपाल सिंह को एक स्वघोषित कट्टरपंथी सिख उपदेशक और खालिस्तान समर्थक बताया जाता है।

राज्य पुलिस ने पिछले महीने से उसकी तलाशी में बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है। उल्लेखनीय है कि अमृतपाल ‌‌सिंह के समर्थकों ने 23 फरवरी को अमृतसर के पास एक पुलिस स्टेशन पर धावा बोलकर उसके एक सहयोगी को हिरासत से मुक्त कराया था।

राज्य पुलिस ने दावा किया कि उसने 18 मार्च को जालंधर जिले के मलसियान में सिंह के मर्सिडीज वाहन का लगभग 25 किमी तक पीछा किया, हालांकि वह भागने में सफल रहा।

केस टाइटलः इमान सिंह खारा बनाम पंजाब राज्य और अन्य [CRWP-2757-2023]

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