कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टी.एस. शिवज्ञानम ने SIR अपीलीय ट्रिब्यूनल से दिया इस्तीफ़ा
कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टी.एस. शिवज्ञानम ने SIR अपीलीय ट्रिब्यूनल से इस्तीफ़ा दे दिया। यह ट्रिब्यूनल उन लोगों की अपीलें सुन रहा था, जिन्हें हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों से पहले हुई 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया था।
जस्टिस शिवज्ञानम उन 19 जजों में से एक हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अपीलीय ट्रिब्यूनल के रूप में नामित किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, जस्टिस शिवज्ञानम ने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दिया।
SIR प्रक्रिया में 90 लाख से अधिक नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे, जबकि 27 लाख लोगों ने मतदाता सूची से अपने नाम हटाए जाने को चुनौती दी थी।
अपने नाम हटाए जाने को चुनौती देने वाले कई लोगों में कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस शहीदुल्ला मुंशी और उनका परिवार भी शामिल था। हालांकि, अपील के बाद जस्टिस मुंशी और उनके परिवार के नाम मतदाता सूची में फिर से शामिल कर लिए गए।
यह भी उल्लेखनीय है कि अपील करने वाले लाखों मतदाताओं में से केवल 136 मतदाताओं के नाम ही अपीलीय प्रक्रिया के माध्यम से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मतदाता सूची में जोड़े जा सके।