19 सितंबर को आयोजित मेगा ई-लोक अदालत में कुल 1,15,925 मामले -- 1,07,617 लंबित, 7,383 प्री-लिटिगेशन और 925 मामलों का निराकरण किया गया।

कर्नाटक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कुल 2,31,303 मामलों की पहचान की गई और ई-लोक अदालत के संचालन के लिए पूरे राज्य में 875 पीठों का गठन किया गया।

निपटाए गए मामलों की कुल राशि 357.64 करोड़ रुपये रही, जिसमें से 27.33 करोड़ रुपये जुर्माना और शमनीय शुल्क के रूप में वसूल किए गए और राज्य सरकार को जमा किया गया। बाकी 330.3 करोड़ रुपये - परक्राम्य उपकरण अधिनियम और अन्य दीवानी मामलों के तहत मोटर वाहन दुर्घटना मामलों में दावेदारों को भुगतान किया गया।

मेगा ई-लोक अदालत का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एन वी रमाना ने किया जो नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं।

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