आबकारी नीति मामला: अरविंद केजरीवाल और अन्य को बरी किए जाने के खिलाफ याचिका पर 16 जुलाई तक सुनवाई स्थगित

Update: 2026-05-25 10:13 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (25 मई) को आबकारी नीति मामले में आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती देने वाली CBI की याचिका पर सुनवाई जुलाई तक के लिए स्थगित की।

कोर्ट ने ED की उस याचिका को भी लिस्ट किया, जिसमें आबकारी नीति मामले में सभी आरोपियों को बरी करते समय ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की मांग की गई।

पिछले हफ्ते कोर्ट ने कहा था कि AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और नेताओं मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने के संबंध में नए नोटिस जारी किए जाएं।

ये तीनों जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के सामने हो रही सुनवाई का बहिष्कार कर रहे थे। हालांकि, मामला ट्रांसफर होने के बाद, जब आज इस पर सुनवाई हुई तो कोर्ट को बताया गया कि तीन वकालतनामे दाखिल किए गए।

इस बीच CBI की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस मनोज जैन के सामने दलील दी कि CBI ने केजरीवाल, सिसोदिया और पाठक को नोटिस तामील कराने का हलफनामा दाखिल किया।

एसजी मेहता ने दलील दी कि इसी मामले में नोटिस तामील होने के बाद तीनों प्रतिवादी पेश हुए। फिर उन्होंने सुनवाई से हटने (Recusal) के आवेदन दाखिल किए, जिसका मतलब है कि वे पेश हो रहे हैं।

कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा,

"हम एक काम करेंगे। आज का दिन थोड़ा अलग है, क्योंकि वकील काम से विरत हैं... हम अगली तारीख पर सभी की बात सुनेंगे। इस बीच, अगर उन्होंने पहले ही वकालतनामे दाखिल कर दिए हैं तो मुझे लगता है कि अगली तारीख पर, जब भी वे यहां होंगे, हम देखेंगे कि कौन सी तारीखें दी जा सकती है। मामले की सुनवाई के लिए क्या शेड्यूल तय किया जा सकता है। हम जुलाई के मध्य में कहीं इसकी सुनवाई करेंगे।"

जब SG मेहता ने कहा कि जुलाई में मामले की सुनवाई तय करने के लिए इसे बुधवार को लिस्ट किया जा सकता है, तो कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा,

"हम जुलाई में ही इसकी सुनवाई करेंगे... हम रजिस्ट्री से पता लगाएंगे, ऐसा लगता है कि कुछ वकालतनामे दाखिल किए गए हैं। अगर वे दाखिल किए गए हैं तो हम उन्हें रिकॉर्ड पर लेंगे और केवल उसी सीमित उद्देश्य के लिए एक तारीख तय करेंगे।"

मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।

Case Title: CBI v. Kuldeep Singh & Ors

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