दिल्ली कोर्ट ने दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में आरोपी नताशा नरवाल को 10 साल के लिए पासपोर्ट बनवाने की औपचारिकता पूरी करने के मकसद से भारत से बाहर जाने की इजाज़त दी।

कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी ने साफ़ किया कि पासपोर्ट मिलने के बाद नरवाल कोर्ट से नई इजाज़त लिए बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकतीं।

जज ने यह भी कहा कि पासपोर्ट मिलने के अगले ही दिन उन्हें इसे कोर्ट में जमा करना होगा।

कोर्ट ने कहा,

"माननीय सुप्रीम कोर्ट के तर्कों और फैसले को ध्यान में रखते हुए यह कोर्ट आवेदक को पासपोर्ट अथॉरिटी से पासपोर्ट जारी करवाने की औपचारिकता के लिए ही भारत से बाहर जाने की इजाज़त दे रहा है।"

कोर्ट ने आदेश दिया:

"आवेदक को निर्देश दिया जाता है कि पासपोर्ट मिलने के अगले ही दिन वह इसे कोर्ट में जमा करे। फिर से साफ़ किया जाता है कि आवेदक किसी भी तरह से देश छोड़कर नहीं जाएगी और पासपोर्ट मिलने और उसे कोर्ट में जमा करने के बाद विदेश यात्रा के लिए नई अर्ज़ी देगी।"

जज ने यह आदेश नरवाल की उस अर्ज़ी पर दिया, जिसमें उन्होंने पासपोर्ट जारी करवाने के लिए भारत से बाहर जाने की इजाज़त मांगी थी।

बता दें, विदेश मंत्रालय ने 06 दिसंबर, 2024 को आधिकारिक मेमोरेंडम जारी किया। इसमें कहा गया कि जिस व्यक्ति के खिलाफ भारत में आपराधिक मामले चल रहे हैं, उसके लिए पासपोर्ट जारी करवाने के वास्ते संबंधित कोर्ट से इजाज़त या NOC लेने का कोई प्रावधान नहीं है, बल्कि "भारत से बाहर जाने की इजाज़त" लेने का प्रावधान है।

ऐसे किसी भी आरोपी को अब पासपोर्ट अथॉरिटी द्वारा वैध भारतीय पासपोर्ट जारी करने के अनुरोध पर विचार करने से पहले ट्रायल कोर्ट में अर्ज़ी देनी होगी और भारत से बाहर जाने की औपचारिक इजाज़त लेनी होगी।

नरवाल FIR नंबर 59/2020 में आरोपी हैं। यह FIR क्राइम ब्रांच में दर्ज की गई और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इसकी जांच कर रही है। यह मामला 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे कथित बड़ी साज़िश से जुड़ा है।

उन पर गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप हैं। साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) और अन्य कानूनों की कई धाराओं के तहत भी आरोप लगाए गए। उनके वकील ने कहा कि वह सिर्फ़ पासपोर्ट अथॉरिटी से पासपोर्ट जारी करवाने की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए भारत से बाहर जाने की सामान्य अनुमति मांग रही थीं।

यह भी कहा गया कि पासपोर्ट जारी होने के बाद नरवाल उसे तुरंत कोर्ट में जमा कर देंगी और उसके बाद अपनी Ph.D. की पढ़ाई के लिए यूनाइटेड किंगडम जाने की अनुमति मांगने के लिए एक नई अर्ज़ी देंगी।

दिल्ली पुलिस ने इस अर्ज़ी का विरोध करते हुए कहा कि नरवाल को पहले पासपोर्ट अथॉरिटी से संपर्क करना चाहिए और अगर कोई आपत्ति हो, तो कोर्ट से उचित निर्देश लेने चाहिए।

स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने भी कहा कि अगर पासपोर्ट जारी हो जाता है तो उन्हें उसे तुरंत जमा करने और विदेश यात्रा से पहले नई अनुमति लेने का निर्देश दिया जाना चाहिए।

कोर्ट ने दलीलों और बचाव पक्ष द्वारा बताए गए सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर विचार करने के बाद नरवाल को केवल "पासपोर्ट जारी होने की औपचारिकता" के लिए भारत से बाहर जाने की अनुमति दी।

इसके साथ ही अर्ज़ी का निपटारा कर दिया गया।

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