वाराणसी कोर्ट ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ 2022 में वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर कथित तौर पर पाए गए शिव लिंग के बारे में उनकी कथित विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग वाली आपराधिक पुनर्विचार याचिका खारिज की।

एडिशनल जिला एवं सेशन जज वाराणसी विनोद कुमार ने एडवोकेट हरि शंकर पांडे द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज की।

उल्लेखनीय है कि संशोधनवादी-पांडेय ने पिछले साल फरवरी में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-V (एमपी-एमएलए) उज्ज्वल उपाध्याय द्वारा 156 (3) CrPc के तहत दायर उनके आवेदन खारिज करने के बाद वर्तमान संशोधन याचिका दायर की थी।

संशोधनवादी (एडवोकेट हरि शंकर पांडे) ने अपनी संशोधन याचिका में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर (कथित 'शिव लिंग') के अंदर पाए गए ढांचे के बारे में 'विवादास्पद' टिप्पणी करके धार्मिक घृणा भड़काने के आरोप में यादव और ओवैसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

उनका कहना है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और ओवैसी, उनके भाई और कई अन्य लोग शिव लिंग के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची। हालांकि एडीजे की अदालत ने यादव और ओवैसी के खिलाफ अभद्र भाषा का कोई मामला नहीं पाते हुए संशोधन याचिका खारिज की।

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