पश्चिम बंगाल SIR मामला: फॉर्म-6 से 7 लाख नए मतदाताओं को जोड़ने के खिलाफ मौखिक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

Update: 2026-04-20 10:45 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद लगभग 7 लाख नए मतदाताओं को फॉर्म-6 के जरिए जोड़े जाने के खिलाफ की गई मौखिक मांग पर सुनवाई से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि बिना औपचारिक याचिका के इस तरह के मुद्दे पर विचार नहीं किया जा सकता।

सीनियर एडवोकेट मेनेका गुरुस्वामी ने याचिकाकर्ताओं की ओर से मौखिक उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव आयोग द्वारा फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं को जोड़ा जाना सुप्रीम कोर्ट के 13 अप्रैल के आदेश का उल्लंघन है। उनके अनुसार, कोर्ट ने केवल उन्हीं मतदाताओं को शामिल करने की अनुमति दी थी, जिनकी अपीलें अपीलीय प्राधिकरण द्वारा स्वीकार की गई हों, और कट-ऑफ तिथि के बाद फॉर्म-6 के जरिए नए नाम जोड़ना अनुमत नहीं है।

उन्होंने यह भी दलील दी कि इस तरह बड़े पैमाने पर मतदाताओं को जोड़ने से चुनावों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि अदालत इस तरह के मुद्दे पर तब तक विचार नहीं कर सकती, जब तक कोई औपचारिक याचिका दाखिल कर किसी आदेश को चुनौती नहीं दी जाती।

जब गुरुस्वामी ने कहा कि फिलहाल केवल मीडिया रिपोर्ट्स ही उपलब्ध हैं और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित नहीं हुई है, तो अदालत ने दोहराया, “हम इस तरह सुनवाई नहीं करेंगे।”

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