“सुप्रीम कोर्ट में एंट्री बंद कर देंगे”: नेताजी को लेकर बार-बार PIL दाखिल करने पर SC की चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक जनहित याचिका (PIL) खारिज कर दी, जिसमें यह घोषणा करने की मांग की गई थी कि सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी (INA) ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने याचिका को पब्लिसिटी पाने का प्रयास बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि इसी तरह की याचिका पहले भी खारिज की जा चुकी है।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता पिनाकपाणि मोहंती को चेतावनी देते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट में एंट्री बंद कर देंगे।”
याचिका में मांग की गई थी कि INA की स्थापना तिथि 21 अक्टूबर 1943 और नेताजी की जयंती 23 जनवरी को राष्ट्रीय दिवस घोषित किया जाए, उन्हें “राष्ट्रीय पुत्र” का दर्जा दिया जाए तथा 1947 में स्वतंत्रता से जुड़े वास्तविक कारणों और दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए।
दोहरावपूर्ण याचिका दाखिल करने पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि भविष्य में याचिकाकर्ता द्वारा जनहित के नाम पर दायर ऐसी किसी भी याचिका को स्वीकार न किया जाए।