पाकिस्तान के लिए जासूसी की आरोपी यूट्यूबर ज्योति रानी को राहत नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की ज़मानत याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (5 जून) को यूट्यूबर ज्योति रानी (उर्फ ज्योति मल्होत्रा) की याचिका खारिज की। उन पर जासूसी करने और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों से जुड़े लोगों के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के 7 मार्च के आदेश में दखल देने से इनकार किया। हाईकोर्ट ने उन्हें ज़मानत देने से मना कर दिया था।
'ट्रैवल-विद-जो' (Travel-with-Jo) नाम का यूट्यूब चैनल चलाने वाली इस ब्लॉगर को 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद 16 मई, 2025 को गिरफ्तार किया गया था। हिसार पुलिस द्वारा दर्ज FIR में उन्हें आरोपी बनाया गया। उन पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 की धारा 3, 4 और 5 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 152 के तहत अपराधों का आरोप है।
आरोप है कि उन्होंने दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के अधिकारियों की मदद से पाकिस्तान की यात्रा की थी और वहां रहने के दौरान पाकिस्तान की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों से मुलाकात की थी। राज्य सरकार का यह भी आरोप है कि भारत लौटने के बाद याचिकाकर्ता व्हाट्सएप, स्नैपचैट और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिए इन लोगों के संपर्क में रहीं और उन्हें संवेदनशील जानकारी देती रहीं।
हाईकोर्ट ने आरोपों को गंभीर मानते हुए उनकी ज़मानत याचिका खारिज की थी। कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ता के देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और पड़ोसी देश को संवेदनशील जानकारी देने के प्रथम दृष्टया सबूत मौजूद हैं।
Case : Jyoti Rani alias Jyoti Malhotra v. State of Haryana | SLP(Crl) 10853/2026