सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना स्पीकर के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही बंद की

Update: 2026-03-13 05:15 GMT

सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) के दस विधायकों के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) में शामिल होने से जुड़ी अयोग्यता की सभी लंबित याचिकाओं पर फैसला ले लिया। कोर्ट ने इस मामले का निपटारा करते हुए स्पीकर से कहा कि वे कल तक याचिकाकर्ताओं को अपने फैसले की एक प्रति सौंप दें।

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ए.जी. मसीह की पीठ उन अवमानना ​​याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें आरोप लगाया गया कि कोर्ट के 31 जुलाई, 2025 के आदेश का पालन नहीं किया गया। उस आदेश में कोर्ट ने स्पीकर को BRS के 10 विधायकों की अयोग्यता की मांग करने वाली याचिकाओं पर फैसला लेने के लिए तीन महीने का समय दिया; इन विधायकों पर आरोप था कि वे कांग्रेस में शामिल हो गए।

सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी और सीनियर वकील मुकुल रोहतगी (तेलंगाना राज्य की ओर से) ने कोर्ट को बताया कि अब इस मामले में आगे कुछ भी बाकी नहीं रह गया, क्योंकि स्पीकर ने सभी मामलों पर फैसला ले लिया। सिंघवी ने जानकारी दी कि स्पीकर द्वारा लिए गए कुछ फैसलों को तेलंगाना हाई कोर्ट में पहले ही चुनौती दी जा चुकी है।

याचिकाकर्ताओं के वकीलों में से एक ने कोर्ट को बताया कि स्पीकर के फैसले की प्रति याचिकाकर्ताओं को जानबूझकर देरी करने की रणनीति के तहत नहीं दी गई। इस पर कोर्ट ने एक आदेश जारी करते हुए स्पीकर से कहा कि वे कल तक अपना फैसला सौंप दें।

कोर्ट ने कहा,

"स्पीकर का कार्यालय कल तक आदेश की प्रति और चार दिनों के भीतर, जैसा कि आवश्यक है, मामले से जुड़ी पूरी सामग्री याचिकाकर्ताओं को सौंप देगा।"

कोर्ट की कड़ी चेतावनी के बाद पिछले दिसंबर में स्पीकर ने सात याचिकाओं को खारिज करते हुए उन पर फैसला सुनाया था। बाकी बची हुई याचिकाओं पर भी बाद में फैसला ले लिया गया।

Case Title: PADI KAUSHIK REDDY Versus THE STATE OF TELANGANA AND ORS., SLP(C) No. 2353-2354/2025 (and connected cases)

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