2026 SCBA चुनाव में उपाध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
समावेशिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2026 के सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की कार्यकारिणी समिति चुनाव में उपाध्यक्ष पद महिला वकीलों के लिए आरक्षित करने का आदेश दिया।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह आदेश पारित करते हुए आगामी 2026 चुनाव के लिए उपाध्यक्ष पद सहित कुछ अन्य कार्यकारिणी पदों को महिला वकीलों के लिए आरक्षित किया।
अदालत ने निर्देश दिया कि वर्तमान SCBA कार्यकारिणी समिति 29 मई तक चुनाव समिति का गठन अधिसूचित करे। इसके बाद चुनाव समिति 13 जुलाई तक चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगी जब अदालत अवकाश के बाद पुनः खुलेगी।
पीठ ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया अगस्त तक पूरी कर परिणाम घोषित किए जाएं और नई कार्यकारिणी 7 अगस्त को कार्यभार ग्रहण करेगी।
यह आदेश तब पारित किया गया जब SCBA की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने उपाध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाने पर सहमति व्यक्त की। इस पर पीठ ने SCBA के रुख की सराहना की।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि SCBA ने अदालत के सुझावों का कभी विरोध नहीं किया और वह पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत करता रहा है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट महिलाओं के लिए कोषाध्यक्ष और सचिव पद आरक्षित करने का निर्देश दे चुका है। अदालत ने कहा कि अब समय है कि आरक्षण में प्रगति हो इसलिए उपाध्यक्ष पद आरक्षित किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि अब तक SCBA को कभी कोई महिला अध्यक्ष नहीं मिली है।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने SCBA में कम से कम एक-तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने का आदेश दिया था। उसी आदेश के तहत 2024-25 चुनाव में कोषाध्यक्ष पद महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित किया गया।
साथ ही अदालत ने जूनियर कार्यकारिणी समिति में 9 में से 3 और वरिष्ठ कार्यकारिणी समिति में 6 में से 2 पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने का निर्देश दिया।
पिछले दो वर्षों में देशभर के हाइकोर्ट और जिला बार एसोसिएशनों में भी कोषाध्यक्ष पद तथा लगभग 30 प्रतिशत कार्यकारिणी/शासी निकाय पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जा चुके हैं।