जाति जनगणना रोकने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, 'बदतमीज़ी भरी भाषा' पर जताई नाराज़गी
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें केंद्र सरकार को प्रस्तावित जाति जनगणना (Caste Census) रोकने, संसाधनों के वितरण को जनसंख्या जिम्मेदारी से जोड़ने और एक बच्चे वाले परिवारों को आर्थिक प्रोत्साहन देने के लिए नीतियां बनाने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ ने स्वयं पेश हुए याचिकाकर्ता की इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिका में इस्तेमाल की गई भाषा पर कड़ी नाराजगी जताई।
CJI सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से कहा:
“आप लोग इस तरह की बदतमीज़ी भरी भाषा कहां से लाते हैं? इस तरह की याचिकाएं कैसे लिखते हैं?”
इसके बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।