50 लाख से अधिक संपत्ति खरीद पर TDS कटौती के लिए सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की अस्वीकृति
सुप्रीम कोर्ट ने आज 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति खरीदते समय स्रोत पर कर कटौती (TDS) संबंधी सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।
क्या था मामला?
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194IA के तहत यदि किसी अचल संपत्ति (कृषि भूमि को छोड़कर) की बिक्री कीमत 50 लाख रुपये या उससे अधिक है, तो खरीदार को विक्रेता को भुगतान की जाने वाली राशि पर 1% TDS काटना अनिवार्य है।
कटे हुए कर को निर्धारित समय सीमा के भीतर फॉर्म 26QB के माध्यम से ऑनलाइन चालान-कम-स्टेटमेंट दाखिल कर केंद्र सरकार के पास जमा करना होता है। इसके बाद खरीदार को विक्रेता को फॉर्म 16B में TDS प्रमाणपत्र भी जारी करना होता है।
याचिकाकर्ता की दलील
याचिकाकर्ता, जो स्वयं पेश हुए, ने संपत्ति पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के चरण पर संस्थागत सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि पहली बार घर खरीदने वाले कई लोग, भले ही शिक्षित हों, धारा 194IA की जानकारी के अभाव में TDS काटने और जमा करने की बाध्यता से अनभिज्ञ रह जाते हैं।
उन्होंने बताया कि वे कंप्यूटर साइंस में एम.टेक हैं और एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत हैं, फिर भी संपत्ति खरीदते समय उन्हें इस प्रावधान की जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार, यह एक प्रणालीगत समस्या है।
उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान व्यवस्था में TDS की पूरी जिम्मेदारी केवल खरीदार पर डाल दी गई है, मानो हर संपत्ति खरीदार को आयकर कानून की जानकारी हो। रजिस्ट्री कार्यालय में न तो जागरूकता का कोई तंत्र है और न ही यह जांच की जाती है कि फॉर्म 26QB दाखिल किया गया है या नहीं।
याचिकाकर्ता ने कहा कि इससे ईमानदार खरीदार, जो अनजाने में चूक करते हैं, ब्याज और जुर्माने के दायरे में आ जाते हैं, जबकि उनका डिफॉल्ट करने का कोई इरादा नहीं होता। इसलिए उन्होंने रजिस्ट्रेशन के समय फॉर्म 26QB के सत्यापन जैसे सुरक्षा उपायों का निर्देश देने की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। अदालत ने किसी भी प्रकार का अतिरिक्त निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया।
हालांकि अदालत ने विस्तृत कारण दर्ज नहीं किए, लेकिन याचिका खारिज होने के साथ यह स्पष्ट हो गया कि फिलहाल संपत्ति खरीदारों पर धारा 194IA के तहत TDS काटने और जमा करने की जिम्मेदारी यथावत बनी रहेगी।