NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, FAIMA ने NTA को हटाने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग की

Update: 2026-05-13 06:45 GMT

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 में कथित पेपर लीक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। Federation of All India Medical Association (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी National Testing Agency (NTA) की कार्यप्रणाली को “सिस्टमेटिक फेल्योर” बताते हुए NEET-UG 2026 दोबारा कराने और NTA के पुनर्गठन या प्रतिस्थापन की मांग की है।

एडवोकेट तन्वी दुबे के जरिए दाखिल याचिका में कहा गया है कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह NTA की जगह “तकनीकी रूप से उन्नत, अधिक सुरक्षित और स्वायत्त” परीक्षा निकाय का गठन करे।

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को कथित पेपर लीक आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp और Telegram पर वायरल हुए “गेस पेपर्स” के 100 से अधिक सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए थे।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि परीक्षा दोबारा कराने की प्रक्रिया की निगरानी एक हाई-पावर्ड मॉनिटरिंग कमेटी करे, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के हाथ में हो। समिति में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और फॉरेंसिक वैज्ञानिक को भी शामिल करने की मांग की गई है।

FAIMA ने यह भी मांग की है कि नई परीक्षा प्रक्रिया को न्यायिक निगरानी में कराया जाए और तब तक किसी स्वतंत्र परीक्षा निकाय के गठन या कोर्ट द्वारा नियुक्त अंतरिम समिति की मंजूरी के बिना परीक्षा प्रक्रिया को वैध न माना जाए।

याचिका में प्रश्नपत्रों के लिए “डिजिटल लॉकिंग सिस्टम” लागू करने और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए NEET को पूरी तरह Computer Based Test (CBT) मॉडल में बदलने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि मौजूदा ऑफलाइन प्रणाली में प्रश्नपत्रों की फिजिकल सप्लाई चेन सबसे बड़ा सुरक्षा जोखिम बन चुकी है।

इसके अलावा FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट से यह निर्देश देने की भी मांग की है कि CBI चार सप्ताह के भीतर जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे, जिसमें पेपर लीक नेटवर्क, गिरफ्तारियां, आरोपियों और जांच की प्रगति का पूरा विवरण हो।

याचिका में NEET-UG 2026 के सेंटर-वाइज रिजल्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है, ताकि किसी भी असामान्यता या संदिग्ध पैटर्न की पारदर्शी तरीके से जांच की जा सके।

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