सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एनडीपीएस मामले में एक विचाराधीन कैदी को जमानत देते समय टिप्पणी की कि आप छोटे किसानों,ड्रग्स पैडलर को पकड़ते हैं। अंतराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स सिंडिकेट चलाने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। असल गुनाहगारों को पकड़िए और लोगों को बचाइए।“

मध्य प्रदेश राज्य का मामला अभियुक्तों से अफीम की कथित बरामदगी से संबंधित है। जब राज्य ने जमानत याचिका का विरोध किया, तो भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने टिप्पणी की,

"आप छोटे-छोटे पेडलर्स को पकड़ रहे हैं, लेकिन असल अपराधियों को नहीं। उन लोगों को पकड़िए जो ड्रग सिंडिकेट चला रहे हैं।"

CJI की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि आरोपी पहले ही पांच साल जेल में बिता चुका है और सजा की अधिकतम अवधि दस साल की है। इसके अलावा, इस मामले में प्रतिबंधित अफीम कथित तौर पर उसके खेत से बरामद की गई थी और वह इसे ले जाता नहीं पाया गया था।

राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अभियुक्त के पास पिछले दोषसिद्धि का रिकॉर्ड है।

हालांकि, खंडपीठ ने आरोपी को जमानत दे दी।

केस टाइटल : साबिर बनाम मध्य प्रदेश राज्य

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