'इसे लेकर इतना भावुक न हों': 'कॉकरोच जनता पार्टी' के खिलाफ याचिका पर CJI
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मुद्दे को इतना भावुक होकर न लें, जब वकील ने इस मामले से जुड़ी याचिका को तुरंत सुनवाई के लिए लिस्ट करने का मौखिक ज़िक्र किया।
वकील एनके गोस्वामी ने कहा कि CJI द्वारा दी गई सफ़ाई के बावजूद, "एक तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और दुर्भावनापूर्ण नैरेटिव जारी है।"
CJI सूर्यकांत ने वकील से कहा,
"इसे इतना भावुक होकर न लें।"
'कॉकरोच जनता पार्टी' व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया आंदोलन है, जो सुनवाई के दौरान CJI की एक मौखिक टिप्पणी के जवाब में शुरू हुआ था। इस टिप्पणी में उन्होंने ऑनलाइन एक्टिविज़्म की आड़ में व्यवस्था पर हमला करने वाले बेरोज़गार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से की थी। बाद में CJI ने सफ़ाई दी कि उनका इशारा उन लोगों की तरफ़ था, जिनके पास फ़र्ज़ी डिग्रियां हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' के सोशल मीडिया हैंडल, जिन पर कुछ ही दिनों में लाखों फ़ॉलोअर्स जुड़ गए, बाद में सस्पेंड कर दिए गए।
सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई, जिसमें कोर्ट में की गई मौखिक टिप्पणियों के ज़रिए पैसे कमाने से रोकने और फ़र्ज़ी वकीलों के खिलाफ़ CBI जांच की मांग की गई। इस याचिका का ज़िक्र भी एक अन्य वकील ने कोर्ट में तुरंत सुनवाई के लिए किया।
बता दें, यह याचिका भी 'कॉकरोच जनता पार्टी' आंदोलन की पृष्ठभूमि में ही दायर की गई थी। CJI ने कहा कि इस मामले में कोई तत्काल ज़रूरत नहीं है। इसे तय प्रक्रिया के अनुसार ही लिस्ट किया जाएगा।