असम CM की पत्नी की FIR: अग्रिम जमानत रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कांग्रेस नेता पवन खेड़ा

Update: 2026-04-27 04:39 GMT

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई FIR के संबंध में थी, जिसमें खेड़ा ने उन पर कई पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था।

विवादित आदेश के ज़रिए गुवाहाटी हाईकोर्ट ने खेड़ा को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि खेड़ा ने राजनीतिक फ़ायदा उठाने के लिए एक 'निर्दोष महिला' को इस विवाद में घसीटा है।

इससे पहले, 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक हफ़्ते की ट्रांज़िट अग्रिम ज़मानत दी थी और उन्हें संबंधित कोर्ट में जाने की अनुमति दी थी। अग्रिम ज़मानत के लिए याचिका हैदराबाद में दायर की गई, जहां बताया गया कि खेड़ा का निवास है।

इसके बाद असम पुलिस ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा दी गई ट्रांज़िट अग्रिम ज़मानत पर रोक लगाई।

खंडपीठ ने कहा कि यदि खेड़ा असम में अधिकार क्षेत्र रखने वाले कोर्ट में अग्रिम ज़मानत के लिए आवेदन करते हैं तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित अंतरिम आदेश का ऐसे आवेदन पर विचार करने की प्रक्रिया पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

शुक्रवार (17 अप्रैल) को सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा की याचिका खारिज की थी, जिसमें उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा दी गई ट्रांज़िट अग्रिम ज़मानत पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को हटाने की मांग की थी।

कोर्ट ने खेड़ा की उस याचिका को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने ट्रांज़िट ज़मानत की अवधि अगले मंगलवार तक बढ़ाने की मांग की थी, ताकि वह सोमवार को असम कोर्ट में जा सकें।

खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्रिम ज़मानत के लिए खेड़ा के आवेदन पर विचार करते समय, न तो हाईकोर्ट के आदेश में की गई टिप्पणियों का और न ही सुप्रीम कोर्ट के रोक आदेश का संबंधित कोर्ट पर कोई प्रभाव पड़ना चाहिए।

इसी पृष्ठभूमि में खेड़ा ने अग्रिम ज़मानत की मांग करते हुए गुवाहाटी हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसे विवादित आदेश के ज़रिए खारिज कर दिया गया। गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 175 (चुनाव के संबंध में झूठा बयान), 35, 36, 318 (धोखाधड़ी), 338 (कीमती वसीयत, सिक्योरिटी आदि की जालसाजी), 337 (कोर्ट के रिकॉर्ड या पब्लिक रजिस्टर आदि की जालसाजी), 340 (जाली दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली की तरह इस्तेमाल करना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 356 (मानहानि) के तहत FIR दर्ज की गई।

बता दें, इस महीने की शुरुआत में असम पुलिस खेड़ा की तलाश में हैदराबाद, तेलंगाना पहुंची थी। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास तीन पासपोर्ट हैं। खेड़ा कांग्रेस पार्टी के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष हैं और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य भी हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम पुलिस ने दिल्ली में खेड़ा के घर का भी दौरा किया और तलाशी ली।

Case Title : PAWAN KHERA v. STATE OF ASSAM, Diary No. - 25523/2026

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